मंत्री निर्मला भूरिया की PC: महिला सशक्तिकरण से बाल संरक्षण तक, MP ने 2 सालों में रचा विकास का नया अध्याय

मध्यप्रदेश की मोहन सरकार के 2 साल पूरा होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री निर्मला भूरिया ने भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में अपने विभाग की उपलब्धियां गिनाने के साथ ही आगामी कार्ययोजना की जानकारी भी दी।

मंत्री निर्मला भूरिया की PC: महिला सशक्तिकरण से बाल संरक्षण तक, MP ने 2 सालों में रचा विकास का नया अध्याय
Minister Nirmala Bhuria Report Card

भोपाल। मध्यप्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने राजधानी में आयोजित पत्रकार वार्ता में अपने विभाग के दो सालों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। मंत्री निर्मला भूरिया ने बताया कि प्रदेश ने महिला सशक्तिकरण, बाल संरक्षण और पोषण के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति दर्ज की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत–2047 विज़न और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में Women Led Development की अवधारणा को ज़मीनी स्तर पर सफलतापूर्वक लागू किया गया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव समाज के अंतिम व्यक्ति तक दिखाई दे रहा है।

MP में कुपोषण से निपटने के लिए कई नवाचार किए गए

मंत्री निर्मला भूरिया ने कुपोषण को लेकर कहा कि यह केवल गरीबी से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया की चुनौती है। कोई भी वर्ग या परिवार इससे अछूता नहीं है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में कुपोषण से निपटने के लिए कई नवाचार किए गए हैं, जिन्हें जल्द ही पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के आंकड़ों का हवाला देते हुए मंत्री ने कहा कि प्रदेश में कम वजन, ठिगनापन, दुबलापन और गंभीर कुपोषण जैसे सभी प्रमुख संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से महिलाएं हुई आत्मनिर्भर

महिला सशक्तिकरण की बात करते हुए मंत्री ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना को प्रदेश की महिलाओं के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता की मजबूत रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि जून 2023 से अब तक योजना की 31 किस्तें नियमित रूप से जारी की जा चुकी हैं। वर्तमान में 1 करोड़ 26 लाख से अधिक महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं। अब तक हजारों करोड़ रुपये की राशि सीधे महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है, जिससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और परिवारों में उनका निर्णयात्मक योगदान बढ़ा है। मंत्री ने कहा कि यह योजना पूरे देश में चर्चा का विषय बनी है और कई राज्यों ने मध्यप्रदेश के मॉडल को अपनाया है।

मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना में 52 लाख बालिकाओं का पंजीयन

बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने में मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना की भूमिका को रेखांकित करते हुए निर्मला भूरिया ने बताया कि प्रदेश में अब तक 52 लाख से अधिक बालिकाओं का पंजीयन किया जा चुका है। पिछले दो वर्षों में 6 लाख से अधिक बालिकाओं को छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि के रूप में 350 करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता दी गई है। आने वाले वर्षों में लाखों नई बालिकाओं को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि शिक्षा और आत्मनिर्भरता के रास्ते में कोई बाधा न आए।

बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ के तहत कई प्रभावी कार्यक्रम जारी

प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ के तहत प्रदेश में बेटियों के सशक्तिकरण के लिए कई प्रभावी कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। मंत्री ने बताया कि पिंक ड्राइविंग लाइसेंस योजना के तहत अब तक 6 हजार से अधिक महिलाओं और बालिकाओं को लर्निंग लाइसेंस प्रदान किए गए हैं। इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निशुल्क कोचिंग और कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है। समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने के लिए हजारों सफल महिलाओं और बालिकाओं को जेंडर चैंपियन के रूप में चिन्हित किया गया है।

57 वन स्टॉप सेंटर संचालित, वर्किंग वूमन हॉस्टल भी बनाए 

महिलाओं की सुरक्षा को लेकर मंत्री निर्मला भूरिया ने बताया कि प्रदेश में 57 वन स्टॉप सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से पीड़ित महिलाओं को एक ही छत के नीचे स्वास्थ्य सेवाएं, परामर्श, कानूनी सहायता और पुलिस सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। बीते दो वर्षों में हजारों संकटग्रस्त महिलाओं को इन केंद्रों से मदद मिली है। इसके अलावा महिला हेल्पलाइन 181 के जरिए भी लाखों महिलाओं को त्वरित सहायता प्रदान की गई है।

कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास की दिशा में भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मंत्री ने बताया कि 284 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश में नए सखी निवास और वर्किंग वूमन हॉस्टल बनाए जा रहे हैं, जिनकी कुल क्षमता 5 हजार से अधिक सीटों की होगी। आने वाले समय में उज्जैन, धार समेत आठ जिलों में इन हॉस्टलों का विस्तार किया जाएगा, जिससे कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास मिल सके।

बाल विवाह पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर सख्त कदम उठाए

बाल विवाह पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर मंत्री ने कहा कि सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। जनजागरूकता अभियानों के साथ-साथ विशेष टीमें बनाकर कार्रवाई की जा रही है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और बाल विवाह की दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। मातृ वंदना योजना पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि इस योजना में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। अब तक 10 लाख से अधिक माताओं को योजना का लाभ दिया जा चुका है, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार हुआ है।

डिजिटल नवाचारों का उल्लेख करते हुए मंत्री निर्मला भूरिया ने बताया कि आंगनवाड़ी सेवाओं में संपर्क ऐप, पोषण ट्रैकर और फेसियल रिकॉग्निशन सिस्टम जैसे आधुनिक तकनीकी उपाय अपनाए गए हैं। इससे सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ी है और निगरानी व्यवस्था मजबूत हुई है। मध्यप्रदेश इस दिशा में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। पत्रकार वार्ता के अंत में मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि कोई भी महिला या बच्चा विकास से वंचित न रहे। महिला सशक्तिकरण, सुरक्षित बचपन और सुपोषण के माध्यम से मध्यप्रदेश विकसित भारत–2047 के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।