ताक पर नियम : सरकारी ट्रांसफार्मर से ही CityKart की मल्टीप्लेक्स बिल्डिंग को दे दिया ओवरलोड कनेक्शन

रीवा में बिजली विभाग का नया कारनाम उजागर हुआ है जिसमें एक कमर्शियल बिल्डिंग को विभाग ने बिना अलग ट्रांसफार्मर लगाए करीब 60 किलोवाट का बिजली कनेक्शन दे दिया। आरोप है कि लोड छिपाने के लिए 30-30 किलोवाट के दो कनेक्शन दिए गए और बिजली सरकारी ट्रांसफार्मर से ली जा रही है। साथ ही बिल्डिंग बिना फायर NOC के भी चल रही है।

ताक पर नियम : सरकारी ट्रांसफार्मर से ही CityKart की मल्टीप्लेक्स बिल्डिंग को दे दिया ओवरलोड कनेक्शन
पब्लिकवाणी

शहर में बिजली विभाग का एक कारनामा इन दिनों चर्चा में है। अमहिया रोड पर सफारी होटल के पास बनी श्री महेश टावर नाम की नई कमर्शियल बिल्डिंग में चल रहे CityKart मॉल को बिजली विभाग ने नियमों को नजरअंदाज करते हुए बिजली कनेक्शन दे दिया।

बताया जा रहा है कि इस बिल्डिंग को करीब 60 किलोवाट बिजली लोड दिया गया है। आम तौर पर इतने बड़े मॉल या कमर्शियल बिल्डिंग को बिजली देने के लिए अलग से ट्रांसफार्मर लगाना जरूरी होता है, लेकिन यहां बिना नया ट्रांसफार्मर लगाए ही सामने लगे सरकारी ट्रांसफार्मर से कनेक्शन दे दिया गया।

लोड छिपाने के लिए दो कनेक्शन

जानकारी के मुताबिक विभाग ने सीधे 60 किलोवाट का एक कनेक्शन देने के बजाय 30-30 किलोवाट के दो अलग-अलग कनेक्शन जारी कर दिए। लोगों का कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि अलग ट्रांसफार्मर लगाने की जरूरत न पड़े।

सरकारी ट्रांसफार्मर से दी जा रही बिजली

दावा है कि बिल्डिंग को बिजली पास में शराब दुकान के पास लगे सरकारी ट्रांसफार्मर से ही दी जा रही है। इससे उस ट्रांसफार्मर पर ज्यादा लोड पड़ रहा है। शहर में यह भी चर्चा है कि इस पूरे मामले में विभाग के कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत हो सकती है।

गरीबों पर सितम, अमीरो पर करम!

लोगों का कहना है कि बिजली विभाग छोटे उपभोक्ताओं और गरीब परिवारों के मामले में काफी सख्ती करता है। बिल जमा नहीं करने पर उनका कनेक्शन तुरंत काट दिया जाता है। लेकिन जब बड़े व्यापारी या बड़ी बिल्डिंग की बात आती है तो नियमों को नजरअंदाज कर दिया जाता है।

बिना फायर NOC के चल रही बिल्डिंग

इस मामले में एक और बात सामने आई है कि अमहिया रोड की यह चार मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग बिना फायर NOC के ही चल रही है। नियम के अनुसार ऐसी बिल्डिंग में काम शुरू करने से पहले फायर विभाग से अनुमति लेना जरूरी होता है।

बिल्डिंग में रोज काफी लोग आते-जाते हैं। ऐसे में अगर आग लगने या बिजली से जुड़ी कोई दुर्घटना हो जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है।

अधिकारियों का क्या कहना है?

इस मामले में मुख्य अभियंता प्रमा पाण्डेय का कहना है कि उन्हें अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि अगर इस संबंध में खबर आती है तो मामले की जांच कराकर जरूरी कार्रवाई की जाएगी।

इनका कहना है

इस मामले में जब बिजली विभाग के अधिकारियों से बात की गई तो कार्यपालन अभियंता अभिषेक शुक्ला ने बात को गोल- मोल तरीके से घुमाते हुए कहा कि किसी बिल्डिंग का ट्रांसफार्मर नहीं होता है। 

उन्होंने बताया कि "सामने जो शासकीय ट्रांसफार्मर लगा हुआ है, वही बिल्डिंग संचालक द्वारा लगवाया गया है और उसी से बिल्डिंग को बिजली सप्लाई दी जा रही है। उनका कहना है कि किसी भी बिल्डिंग का अलग से निजी ट्रांसफार्मर नहीं होता है।"