एक और 90 डिग्री ब्रिज की तैयारी, नेताओं के दबाव में साइट गलत चुनी, लंबाई भी बढ़ाई

हरदा जिले के खिरकिया में आरओबी निर्माण पर स्थानीय लोगों ने जताई आपत्ति

एक और 90 डिग्री ब्रिज की तैयारी, नेताओं के दबाव में साइट गलत चुनी, लंबाई भी बढ़ाई

मुक्तेश रावत, भोपाल। राजधानी के बाद एक और जगह लगभग 90 डिग्री के ब्रिज के निर्माण की तैयारी है। ताजा मामला हरदा जिले के खिरकिया का है। वहां प्रस्तावित रेलवे ओवर ब्रिज की डिजाइन और स्थान को लेकर सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आपत्ति दर्ज कराई है कि प्रस्तावित डिजाइन के मुताबिक ब्रिज 90 डिग्री का मोड़ लिए हुए है। यह उचित और वैधानिक नहीं है। इससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी। यह भी कहा है कि आरओबी के लिए गलत जगह का चयन किया गया है और लंबाई बढ़ाई गई है।

आरोप लगाया है कि जिले के एक बड़े नेता के दबाव में बिल्डर और ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी के बैतूल सब डिवीजन के अधिकारियों ने रेलवे ओवर ब्रिज का नक्शा तैयार किया है। बताया जा रहा है कि इसके मुताबिक ब्रिज की लंबाई 750 मीटर प्रस्तावित की गई है और निर्माण पर 50 करोड़ से अधिक खर्च होने का अनुमान है। आपत्तिकर्ताओं ने इसे काफी ज्यादा बताया है। कहा कि हरदा में भी ब्रिज बन रहा है, लेकिन उसकी लंबाई इससे कम है।

तोड़ेंगे एक करोड़ का हाट बाजार

बताया जा रहा है कि खिरकिया में एक करोड़ की लागत से सामुदायिक हाट का निर्माण किया गया है। आरोप यह लगाया जा रहा है कि रेलवे ओवर ब्रिज बनाने के लिए हाट तोड़ दिया जाएगा। इसके लिए खिरकिया नगर पालिका परिषद से प्रस्ताव भी पास करा लिया गया है। इसके अलावा यह भी आपत्ति की गई है कि ब्रिज जहां से प्रस्तावित है, उसके एलाइनमेंट में आने वाली जमीन विवादित है। इस संबंध में मामला जबलपुर हाईकोर्ट में लंबित है। इसमें हरदा कलेक्टर पक्षकार हैं। कोर्ट ने इस साल 27 जनवरी को यथा स्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। इस स्थिति में नक्शा अनुसार ब्रिज का निर्माण किया जाता है, तो वादग्रस्त जमीन की वजह से काम प्रभावित होगा।

शहर के भीतर से गुजरेगा हेवी ट्रैफिक 

जानकारी के मुताबिक चौकडी रोड से खिरकिया के मुख्य बाजार स्थित महाकाल चौक तक ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। इस कारण हेवी ट्रेफिक शहर के अंदर बाजार से होकर निकलेगा। इससे ट्रेफिक जाम और दुर्घटना की आशंका रहेगी। इसके बाद छीपाबड़ जाने के रास्ते में कृषि उपज मंडी, बैंक, स्कूल व बाजार आते हैं। पोखरनी-खंडवा रोड पर फॉरेस्ट डिपो, जनपद पंचायत, सिविल कोर्ट आदि हैं। आपत्तिकर्ताओं के मुताबिक ऐसे में प्रस्तावित ब्रिज लोकहित में नहीं है।

विधायक का सुझाव दरकिनार

हरदा से कांग्रेस विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने ने भी सुझाव दिया था कि आरओबी को शहर के बाहर से निकाला जाना चाहिए। हालांकि पीडब्ल्यूडी और रेलवे ने सर्वे में इसे फिजिबल नहीं पाया। दोगने का कहना है कि यह रेलवे रूट काफी व्यस्त रहता है। ऐसे में आरओबी का निर्माण जरूरी है। आपत्तिकर्ताओं ने अधिकारियों के इस दावे पर भी सवाल उठाए हैं कि अर्जनीय भूमि में कोई मंदिर, मस्जिद, कब्रिस्तान या श्मशान नहीं आ रहे हैं, जबकि ब्रिज की डिजाइन के मुताबिक खिरकिया तहसील के पास बना हनुमान जी का मंदिर जद में है। इसे हटाने या शिफ्ट करने पर कानून व्यवस्था की स्थिति बन सकती है।