इंदौर में बसों पर बड़ा एक्शन, कई बसों की फिटनेस रद्द
इंदौर के तीन इमली बस स्टैंड पर आरटीओ और जिला प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में बस ऑपरेटरों की बड़ी लापरवाही सामने आई। फिटनेस जांच के दौरान कई बसों में फर्स्ट एड बॉक्स नहीं मिले, इमरजेंसी गेट बंद पाए गए और महिलाओं की सुरक्षा के लिए लगाए गए पैनिक बटन भी काम नहीं कर रहे थे।
इंदौर: आरटीओ और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने तीन इमली बस स्टैंड पर छापेमारी कर बस ऑपरेटरों की लापरवाही बेनकाब कर दी। फिटनेस जांच के दौरान कई बसें फेल हो गईं। बसों में न तो फर्स्ट एड बॉक्स मिला, न ही इमरजेंसी गेट काम कर रहे थे और महिलाओं की सुरक्षा के लिए लगाए गए पैनिक बटन भी बंद पाए गए। आरटीओ प्रदीप शर्मा और एसडीएम धनगर के नेतृत्व वाली टीम ने गुरुवार को तीन इमली बस स्टैंड पर खड़ी बसों की अचानक जांच शुरू की। जांच के दौरान १५ से अधिक बसों को मौके पर ही फिटनेस रद्द कर दिया गया। टीम ने करीब 5 बसों को जब्त भी कर लिया।
सबसे गंभीर लापरवाही..
जांच टीम को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब बसों के इमरजेंसी गेट बंद मिले। एसडीएम धनगर ने खुद एक बस के इमरजेंसी गेट को लात मारकर खोलने की कोशिश की, लेकिन गेट नहीं खुला। यह देखकर प्रशासनिक अधिकारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लगाए गए पैनिक बटन भी बंद मिले। बसों में फर्स्ट एड बॉक्स की सुविधा तक नहीं रखी गई थी, जो यात्री सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।
इंदौर: आरटीओ और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने तीन इमली बस स्टैंड पर छापेमारी कर बस ऑपरेटरों की लापरवाही बेनकाब कर दी। pic.twitter.com/DRL6XP8JMK
— Thinkwithkd (@kd_tripathi01) May 8, 2026
आरटीओ प्रदीप शर्मा ने कहा..
बस ऑपरेटरों की लापरवाही बेहद गंभीर है। यात्री खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जिन बसों के इमरजेंसी गेट, पैनिक बटन और फर्स्ट एड बॉक्स काम नहीं कर रहे थे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
एसडीएम धनगर ने भी साफ कहा कि बसों की फिटनेस केवल कागजों पर नहीं, बल्कि वास्तविकता में होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि आगे भी ऐसे अभियान चलाए जाएंगे।
कार्रवाई का असर..
तीन इमली बस स्टैंड पर इस छापेमारी के बाद कई बस ऑपरेटर घबरा गए। कुछ बसों के चालक-परिचालक तो मौके से गायब हो गए। जब्त की गई बसों को आरटीओ कंपाउंड में ले जाया गया है। फिटनेस रद्द होने वाली बसों को तब तक रूट पर नहीं लगाया जाएगा, जब तक सभी कमियां पूरी तरह दूर नहीं कर ली जातीं।
यात्रियों की प्रतिक्रिया..
इस कार्रवाई से आम यात्री काफी खुश नजर आए। एक महिला यात्री ने बताया, महिलाओं के लिए पैनिक बटन बंद रहते हैं तो हम कैसे सुरक्षित महसूस करें? प्रशासन ने बहुत अच्छा काम किया है। प्रशासन का संदेश आरटीओ और जिला प्रशासन ने साफ संदेश दे दिया है कि इंदौर में बसों में यात्री सुविधा और सुरक्षा को लेकर अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। अगले कुछ दिनों में अन्य बस स्टैंडों और रूटों पर भी सघन जांच अभियान चलाने की तैयारी है।

