माइग्रेन का खतरा: गर्मी में क्यों बढ़ जाता है, लोग परेशान, खुद का कैसे करें इससे बचाव

गर्मी के मौसम में माइग्रेन की समस्या क्यों बढ़ जाती है? जानिए इसके मुख्य कारण जैसे डिहाइड्रेशन, तेज धूप और लाइफस्टाइल, साथ ही आसान बचाव के उपाय जो आपको राहत दे सकते हैं।

माइग्रेन का खतरा: गर्मी में क्यों बढ़ जाता है, लोग परेशान, खुद का कैसे करें इससे बचाव

गर्मी का मौसम पसीना, थकान और लू के साथ-साथ कई लोगों के लिए माइग्रेन की समस्या भी लेकर आता है। तेज धूप, डिहाइड्रेशन, गर्म हवा और बदलती दिनचर्या माइग्रेन के अटैक को ट्रिगर कर देते हैं। डॉक्टरों के अनुसार माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है जो साल भर रह सकती है, लेकिन गर्मियों में यह ज्यादा परेशान करती है। खासकर शहरों में रहने वाले लोगों को इससे ज्यादा नुकसान होता है।

गर्मी में माइग्रेन क्यों बढ़ जाता है..

डिहाइड्रेशन- सबसे बड़ा कारण, गर्मी में ज्यादा पसीना आने से शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है। इससे ब्लड वॉल्यूम घटता है, ब्रेन में ऑक्सीजन और पोषक तत्वों का प्रवाह प्रभावित होता है, जो सीधे माइग्रेन को ट्रिगर करता है। हल्की डिहाइड्रेशन भी सेंसिटिव लोगों में अटैक शुरू कर सकती है।

तेज धूप और चमकदार रोशनी..
दोपहर की तेज धूप, ग्लेयर और UV rays आंखों पर दबाव डालती हैं और ब्रेन को ओवरस्टिमुलेट करती हैं। फोटोफोबिया (रोशनी से परेशानी) वाले मरीजों में यह समस्या और बढ़ जाती है।

शहरों में बढ़ा खतरा..
शहरों में प्रदूषण के कारण तापमान और भी ज्यादा महसूस होता है। गर्मी, प्रदूषण, अनियमित खान-पान, देर रात जागना, नींद की कमी और तनाव मिलकर माइग्रेन को और उत्तेजित करते हैं।

माइग्रेन के लक्षण..
सिर के एक तरफ तेज, धड़कन वाला दर्द
मतली, उल्टी का अहसास
रोशनी, आवाज या गंध से परेशानी
दर्द कई घंटों से लेकर 2-3 दिनों तक रह सकता है

गर्मियों में माइग्रेन से बचाव के आसान और प्रभावी उपाय

पर्याप्त पानी पिएं..
दिनभर में 3-4 लीटर पानी या उससे ज्यादा पिएं। नारियल पानी, नींबू पानी, ORS या इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक्स लें। कैफीन और अल्कोहल से बचें क्योंकि ये डिहाइड्रेशन बढ़ाते हैं।

तेज धूप से बचें..
दोपहर 11 बजे से 4 बजे तक बाहर निकलने से परहेज करें। छाता, चौड़ी किनारी वाली टोपी, धूप का चश्मा (पोलराइज्ड बेहतर) और हल्के रंग के कपड़े पहनें।

शरीर को ठंडा रखें..
एसी या छायादार जगह पर रहें। ठंडे पानी से नहाएं या ठंडी सिकाई करें।