फ्रांस में राष्ट्रपति मैक्रों से मिले पीएम मोदी, बोले- भारत और फ्रांस एक सोच और विजन के साथ आगे बढ़ रहे
फ्रांस के नीस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मुलाकात. भारत इनोवेट्स कार्यक्रम का उद्घाटन, AI, रक्षा, स्टार्टअप्स और राफेल डील पर हुई चर्चा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने छह दिवसीय फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे पर हैं. रविवार को फ्रांस के नीस शहर में उन्होंने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की. इस दौरान दोनों नेताओं ने ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन किया और तकनीक, नवाचार, ऊर्जा, रक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसे विषयों पर चर्चा की. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस का रिश्ता केवल व्यापार या कूटनीति तक सीमित नहीं है. दोनों देशों के संबंध भरोसे, साझा मूल्यों और भविष्य के लिए एक जैसी सोच पर आधारित हैं. उन्होंने कहा कि दुनिया की कई बड़ी चुनौतियों का समाधान भारत और फ्रांस मिलकर खोज रहे हैं.

मैक्रों बोले- भारत इनोवेशन का वैश्विक केंद्र
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत को दुनिया का प्रमुख इनोवेशन हब बताया. उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत के साथ मिलकर इनोवेशन करना चाहती है. फ्रांस लंबे समय से ‘मेक इन इंडिया’ अभियान का साझेदार रहा है और रक्षा, तकनीक, ऊर्जा तथा AI जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों की मजबूत रणनीतिक भागीदारी है. मैक्रों ने नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) जैसी नई परमाणु तकनीकों में भारत और फ्रांस मिलकर काम कर सकते हैं.
पीएम मोदी के संबोधन की प्रमुख बातें
- भारत और फ्रांस का रिश्ता भरोसे और साझा लक्ष्यों पर आधारित है।
- ‘भारत इनोवेट्स’ भारतीय स्टार्टअप्स और यूरोपीय निवेशकों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मंच है।
- भारत में 2 लाख से अधिक स्टार्टअप्स काम कर रहे हैं।
- AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी और स्पेस टेक्नोलॉजी भविष्य की दिशा तय करेंगी।
- भारत के युवा स्टार्टअप्स के जरिए नई चुनौतियों का समाधान खोज रहे हैं।

मैक्रों के संबोधन की प्रमुख बातें
- भारत वैश्विक इनोवेशन और रिसर्च में अग्रणी भूमिका निभा रहा है.
- दुनिया भारत के साथ मिलकर नई तकनीकों पर काम करना चाहती है.
- भारत और फ्रांस खुले और सहयोगी AI मॉडल के समर्थक हैं.
- मैक्रों ने नरेंद्र मोदी को लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने पर बधाई दी.
- दोनों देश ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन से जुड़े लक्ष्यों पर साथ काम कर रहे हैं.
राफेल डील और टेक्नोलॉजी समझौतों पर चर्चा
‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच द्विपक्षीय बैठक भी हुई. सूत्रों के मुताबिक दोनों देशों के बीच टेक्नोलॉजी, हेल्थ टेक, मेडिकल टेक्नोलॉजी, AI, सेमीकंडक्टर और स्पेस सेक्टर से जुड़े करीब 12 समझौतों पर चर्चा हुई.
इसके अलावा 114 राफेल लड़ाकू विमानों की संभावित खरीद को लेकर भी बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है. भारत इस डील में अपने हथियारों के एकीकरण और तकनीकी सहयोग से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा कर सकता है.
फ्रांस और स्लोवाकिया का दौरा
प्रधानमंत्री मोदी 13 से 18 जून तक फ्रांस और स्लोवाकिया के दौरे पर हैं. फ्रांस के बाद वे स्लोवाकिया जाएंगे, जहां प्रधानमंत्री रोबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रीनी से मुलाकात करेंगे. 1993 में स्लोवाकिया के स्वतंत्र देश बनने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला दौरा होगा. इसके बाद मोदी फ्रांस लौटकर G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक भी प्रस्तावित है.
होर्मुज स्ट्रेट और वैश्विक सुरक्षा पर भी नजर
प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है. भारत बहुपक्षीय और संयुक्त राष्ट्र समर्थित सुरक्षा व्यवस्था का पक्षधर है और फ्रांस-ब्रिटेन की पहल के साथ सहयोग बढ़ाने पर विचार कर सकता है.
shivendra 
