अवैध होर्डिंग्स और पोस्टरों पर हाईकोर्ट सख्त, 24 घंटे में हटाने और FIR दर्ज करने के निर्देश
मध्य प्रदेश में अवैध विज्ञापनों पर शिकंजा, इंदौर हाईकोर्ट ने प्रशासन को दिए कड़े आदेश
मध्य प्रदेश में अवैध होर्डिंग्स, पोस्टरों और विज्ञापनों को लेकर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। शहर भर में अवैध रूप से लगाए गए पोस्टरों पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने प्रशासन को 24 घंटे के भीतर सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन कर अवैध विज्ञापन लगाने वालों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जाए।

मध्य प्रदेश में अवैध होर्डिंग्स और विज्ञापनों के मुद्दे पर दायर याचिका पर इंदौर हाईकोर्ट में सोमवार को महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। मामले की जानकारी देते हुए सीनियर एडवोकेट विशाल बाहेती ने बताया कि मध्य प्रदेश आउटडोर मीडिया रूल्स 2017 के तहत ठेकेदार टेंडर प्रक्रिया में भाग लेकर होर्डिंग्स के लीगल लाइसेंस प्राप्त करते हैं। लेकिन इसके बावजूद राजनीतिक दलों और अन्य लोगों द्वारा बिना अनुमति अवैध रूप से बैनर-पोस्टर लगा दिए जाते हैं, जो पूरी तरह गैरकानूनी हैं।

इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि 24 घंटे के भीतर ऐसे सभी अवैध होर्डिंग्स और पोस्टरों को हटाया जाए। साथ ही कोर्ट ने इस अवैध गतिविधि के दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के भी आदेश दिए हैं। एडवोकेट बाहेती ने बताया कि इससे पहले जबलपुर हाई कोर्ट द्वारा भी इसी तरह के निर्देश दिए गए थे।

वहीं, साल 2019 में तत्कालीन मुख्य सचिव द्वारा जारी सर्कुलर में सभी जिला कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, जिसका हवाला इस आदेश में भी दिया गया है। गौरतलब है कि वैध लाइसेंस धारक एजेंसियां लाखों रुपये लाइसेंस फीस जमा करती हैं, लेकिन अवैध पोस्टरों के कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। कोर्ट के इस कड़े रुख से अब अवैध होर्डिंग लगाने वालों पर शिकंजा कसेगा।
Varsha Shrivastava 
