Gold- Silver Price Drop : PM मोदी की अपील का असर! सोना 1,037 रुपए गिरा, चांदी भी 1,711 रुपए हुई सस्ती
Gold- Silver Price Drop : PM की अपील के बाद मंगलवार के कारोबार में टाइटन, कल्याण ज्वेलर्स, थंगमयिल ज्वेलरी और ब्लूस्टोन ज्वेलरी एंड लाइफस्टाइल जैसे शेयरों पर दबाव रहा।
Gold- Silver Price Drop : नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गैर-जरूरी सोना नहीं खरीदने की अपील के बाद मंगलवार 1 सितंबर को बुलियन और ज्वेलरी बाजार में हलचल देखने को मिली। IBJA आंकड़ों के अनुसार 31 अगस्त को 999 शुद्धता वाले सोने का भाव ₹1,55,835 प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव ₹2,37,199 प्रति किलो था। बाजार में सोने और चांदी की कीमतें लगातार वैश्विक घटनाओं और निवेशकों की धारणा से प्रभावित हो रही हैं।
ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में दबाव
प्रधानमंत्री की अपील के बाद मंगलवार के कारोबार में कई ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी दिखाई दी। टाइटन, कल्याण ज्वेलर्स, थंगमयिल ज्वेलरी और ब्लूस्टोन ज्वेलरी एंड लाइफस्टाइल जैसे शेयरों पर दबाव रहा। सोने की कीमतों में लगातार तेजी के बीच ग्राहकों की खरीदारी प्रभावित होने की आशंका को बाजार में एक कारण माना जा रहा है। हालांकि, शेयरों की चाल पर कंपनी के नतीजे, वैल्यूएशन और बाजार की स्थिति जैसे दूसरे कारकों का भी असर पड़ता है।
TBZ शेयर में 20% का अपर सर्किट
दूसरी ओर त्रिभुवनदास भीमजी जवेरी यानी TBZ के शेयर में जोरदार तेजी आई। कंपनी का शेयर 1 सितंबर को करीब 20% बढ़कर ₹366.50 के आसपास पहुंच गया। इसकी बड़ी वजह GRT Jewellers का TBZ में 74.12% हिस्सेदारी खरीदने का प्रस्ताव है। सौदे की कुल कीमत करीब ₹1,034 करोड़ बताई गई है। GRT ने बाकी हिस्सेदारी के लिए अनिवार्य ओपन ऑफर लाने की भी घोषणा की है।
TBZ के 37 स्टोर विस्तार पर GRT का जोर
GRT Jewellers के मुताबिक TBZ के देशभर में 37 स्टोर हैं। कंपनी का कहना है कि TBZ का नेटवर्क पूरे भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की रणनीति में मदद करेगा। इस सौदे को ज्वेलरी सेक्टर में एक बड़े कारोबारी कदम के तौर पर देखा जा रहा है। बाजार में उम्मीद है कि दोनों कंपनियों के नेटवर्क और प्रबंधन के मेल से TBZ के कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
PM मोदी क्या ने कहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपील की है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, तब तक सोना खरीदने से बचें। उनकी इस अपील को देश की अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा बचाने से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे पहले भी प्रधानमंत्री ऐसी अपील कर चुके हैं। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के संदेश का असर सोने की मांग और ज्वेलरी कंपनियों के कारोबार पर पड़ सकता है।

