Chitrakoot में बाढ़ से हाहाकार: पुल बहा-लोगों के घर डूबे, हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू
मंदाकिनी नदी का दिखा रौद्र रूप, 30 फीट उफन पर बह रही। :रामघाट का 300 मीटर लंबा पुल बहा। सतना का चितहरा रेलवे ट्रैक डूबा। पूरा शहर जलमग्न, सड़क पर चली नाव। मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात, जनजीवन अस्त-व्यस्त। जलभराव और आपात स्थिति से निपटने के लिए SDERF ने संभाला मोर्चा। रेस्क्यू के लिए भेजे गए 2 हेलिकॉप्टर।
Chitrakoot में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। Mandakini River के उफान से शहर और आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। Ramghat का बड़ा पुल तेज बहाव में बह गया है। कई प्रमुख सड़कें बंद हैं और लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हुई है। प्रशासन और राहत टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं। सतना सांसद की अपील के बाद रेस्क्यू के लिए हेलिकॉप्टर भेजे गए हैं।

चित्रकूट में जलप्रलय, शहर डूबा
Chitrakoot और आसपास के क्षेत्रों में लगातार करीब 14 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। Mandakini River का जलस्तर तेजी से बढ़ा और नदी करीब 30 फीट के उफान पर पहुंच गई।

नदी के बढ़ते पानी ने निचले इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। Ramghat और Bharatghat पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। घाट के आसपास स्थित करीब 400 दुकानें पानी में डूब गई हैं। कई इलाकों में सड़कें नजर नहीं आ रही हैं और लोगों को आवाजाही के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।
Ramghat का 300 मीटर लंबा बड़ा पुल बहा
Mandakini River के तेज बहाव का सबसे ज्यादा असर पुलों पर दिखाई दिया। Ramghat का बड़ा पुल पानी के तेज बहाव में बह गया। वहीं Naya Gaon स्थित बड़े पुल पर भी पानी का दबाव बढ़ गया और पुल की रैलिंग टूट गई।

पुलों के क्षतिग्रस्त होने के बाद Chitrakoot का कई इलाकों से संपर्क प्रभावित हुआ है। Satna-Chitrakoot Road भी तीन जगह से बंद बताया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से प्रभावित इलाकों में नहीं जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
2003 जैसी बाढ़, इस बार हालात और गंभीर
स्थानीय लोगों के मुताबिक Chitrakoot में साल 2003 में भी ऐसी भयानक बाढ़ आई थी। इस बार भी जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और कई लोगों का कहना है कि मौजूदा स्थिति बेहद गंभीर है। बाढ़ का पानी Naya Gaon Rajmahal तक पहुंच गया है। कई लोग घरों और होटलों में फंसे हुए हैं। निचले इलाकों में पानी लगातार बढ़ने से लोगों में डर का माहौल है।

सड़कों पर नाव, घाट और बाजार पानी में डूबे
बाढ़ का असर सिर्फ नदी के आसपास के इलाकों तक सीमित नहीं है। कई प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया है। कुछ स्थानों पर पानी इतना बढ़ गया कि सड़कों पर नाव चलाने की स्थिति बन गई। Ramghat और Bharatghat के आसपास दुकानें और दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठान पानी में डूब गए हैं।

इससे स्थानीय कारोबारियों को भी बड़ा नुकसान होने की आशंका है। Sati Anasuya क्षेत्र में भी पानी रेलिंग तक पहुंच गया है। वहीं Gupt Godavari में भारी जलभराव के कारण श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
Railway Track डूबा, 24 यात्री ट्रेनें प्रभावित
भारी बारिश का असर Railway Track पर भी पड़ा है। Satna-Manikpur Railway Track पर कई जगह पानी भर गया है। Chitahara Railway Station के पास पटरियां पूरी तरह पानी में डूबी नजर आईं। सुरक्षा को देखते हुए इस रूट पर ट्रेनों की रफ्तार काफी कम कर दी गई है। वहीं, 24 यात्री ट्रेनें और 20 मालगाड़ियां प्रभावित हुई हैं।

ट्रैक की स्थिति जांचने के लिए Railway के Pointsman इंजन के आगे पैदल चलकर रास्ते की स्थिति देख रहे हैं। भारी जलभराव के बीच ट्रेनों को बेहद सावधानी से निकाला जा रहा है। आनंद विहार से Rewa जाने वाली Passenger Train के भी कई घंटे तक खड़े रहने की जानकारी सामने आई है।
Majhgawan में भी बाढ़ जैसे हालात
Chitrakoot के साथ Majhgawan क्षेत्र में भी भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। सड़क, थाना और पेट्रोल पंप तक पानी पहुंचने की स्थिति सामने आई है। बिजली के पोल और ट्रांसफॉर्मर भी प्रभावित हुए हैं।

इससे कुछ इलाकों में बिजली व्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका है। स्थिति को देखते हुए SDERF की टीमें मैदान में उतर गई हैं। प्रभावित और निचले इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार हालात पर नजर रख रही हैं।
सांसद Ganesh Singh ने CM से की बात
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए Satna सांसद Ganesh Singh ने Chief Minister और Chief Secretary से फोन पर बात की है। उन्होंने Chitrakoot में राहत और बचाव कार्य तेज करने की मांग की है।

सांसद ने प्रभावित लोगों तक जल्द मदद पहुंचाने के लिए NDRF की टीम के साथ Helicopter की व्यवस्था कराने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि चारों तरफ से संपर्क टूटने के कारण राहत पहुंचाने में परेशानी हो रही है।

Ganesh Singh ने लोगों से अपील की है कि वे जहां हैं, वहीं सुरक्षित रहें और बाढ़ प्रभावित इलाकों की ओर जाने से बचें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से राहत और बचाव के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
रेस्क्यू के लिए 2 हेलीकॉप्टर भेजे गए चित्रकूट
जहां SDRF की टीमें रेस्क्यू में जुटी हैं। वहीं, रेस्क्यू के लिए 2 हेलिकॉप्टर में जवान पहुंचे हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। राहत और बचाव दल को अलर्ट रखा गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के किनारे, पुलों और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।

Chitrakoot में फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती लगातार बढ़ता जलस्तर और कई इलाकों का संपर्क टूटना है। बारिश और नदी के बहाव की स्थिति को देखते हुए आने वाले घंटों में हालात पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।
Varsha Shrivastava 
