नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही, 95 मौतें; सैकड़ों लापता, 100 से ज्यादा भारतीय भी शामिल
Nepal Flood Updates : नेपाल में अचानक आई बाढ़ से 31 लोगों की मौत हुई है। इसके साथ ही कई लोगों के घायल होने की बात भी कही जा रही है।
Nepal Flood Updates : नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बुधवार सुबह आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। सबसे ज्यादा असर नेपाल के रसुवा जिले में देखने को मिला, जहां भोटेकोशी नदी में अचानक पानी बढ़ने से घर, सड़कें, पुल और बिजली से जुड़े प्रोजेक्ट बह गए। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक हादसे में 95 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों में बड़ी संख्या विदेशी पर्यटकों की है। इनमें 100 से ज्यादा भारतीय भी शामिल हैं।
तिब्बत की तरफ से अचानक आया पानी
बुधवार सुबह करीब 9 बजे भोटेकोशी नदी में अचानक पानी का तेज बहाव आया। कुछ ही देर में नदी ने रौद्र रूप ले लिया और रसुवा जिले के कई इलाकों में पानी और मलबा घुस गया।
बाढ़ का असर रसुवा के अलावा आसपास के नुवाकोट और धादिंग जिलों तक भी पहुंचा। कई इलाकों में सड़क और संपर्क मार्ग टूट गए, जिससे राहत और बचाव अभियान में मुश्किल आ रही है।
बाढ़ का ऐसा खौफ़नाक मंजर आपने सिर्फ फिल्मों में देखा होगा। अब नेपाल का ताजा वीडियो देख लीजिए। नुकसान के बारे में अभी कोई स्पष्ट आकलन नहीं है। बस अंदाजा ही लगा सकते हैं कि क्या बचा होगा... https://t.co/GQLmL1BLpx pic.twitter.com/hsWYpTRZrg
— Sachin Gupta (@Sachingupta) August 26, 2026
384 यात्री लापता, 100 से ज्यादा भारतीय
नेपाल टूरिज्म बोर्ड के मुताबिक प्रभावित क्षेत्र से 384 यात्रियों के लापता होने की रिपोर्ट मिली है। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक बताए गए हैं। भारतीयों की संख्या को लेकर अलग-अलग अपडेट सामने आए हैं और ताजा आधिकारिक सूची में 133 भारतीय पर्यटकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।
इनमें से कई भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए तिब्बत की ओर जा रहे थे। बाढ़ के कारण कैलाश मानसरोवर जाने वाला मार्ग भी प्रभावित हुआ है।
पुल, सड़क और पावर प्रोजेक्ट तबाह
बाढ़ का पानी इतनी तेजी से आया कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कई वाहन बह गए। सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए। कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट और बिजली से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
तिब्बत की ओर भी ग्यिरोंग पोर्ट के आसपास बाढ़ और मलबे से सड़क, बिजली और संचार व्यवस्था प्रभावित हुई है।
राहत और बचाव अभियान जारी
नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें राहत और बचाव अभियान में जुटी हैं। खराब मौसम और कई जगहों पर रास्ते टूट जाने की वजह से अभियान में दिक्कतें आ रही हैं। हेलिकॉप्टर के जरिए भी निगरानी और राहत पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
भारत समेत कई देशों के नागरिकों के लापता होने के बाद संबंधित एजेंसियां उनकी जानकारी जुटाने में लगी हैं। भारतीय नागरिकों के परिवारों के लिए भी हेल्पलाइन और संपर्क व्यवस्था शुरू की गई है।
नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से हुई क्षति अत्यंत चिंताजनक है।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 26, 2026
भगवान पशुपतिनाथ से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना है।
इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश के जनपद महराजगंज और कुशीनगर में गंडक एवं नारायणी नदियों के जलस्तर में वृद्धि तथा बाढ़ की संभावना के…
उन्होंने अधिकारियों से जरूरी तैयारियां पहले से पूरी रखने को कहा है। निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनने पर तत्काल राहत और बचाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
नेपाल में बाढ़ का खौफनाक Video
— Sachin Gupta (@Sachingupta) August 26, 2026
रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में अचानक बाढ़ आई। बड़ी संख्या में लोगों के बह जाने की सूचना हैं। कई बाजार, गाँव सहित जलविद्युत परियोजनाएं भी चपेट में आई हैं। सेना तैनात कर दी गई है। pic.twitter.com/92ndP7Uenq
बिहार में NDRF की टीमें तैनात
बिहार में भी कोसी और गंडक नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर स्थिति पर चर्चा की है। राज्य के संवेदनशील इलाकों में प्रशासन को सतर्क किया गया है।
बिहार के छह जिलों के लिए NDRF की टीमें रवाना की गई हैं। कोसी और गंडक बेसिन में पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
This is seriously scary. CCTV footage from Gyirong Port in Tibet, China, directly opposite Nepal’s Rasuwa district. This flash flood hit here first and later caused massive havoc in Nepal. Can’t even imagine someone surviving this. Prayers for everyone affected. ???? https://t.co/o805P8KGSu pic.twitter.com/31QzZ64aBD
— Nikhil saini (@iNikhilsaini) August 26, 2026
टिमुरे बाजार और सीमा क्षेत्र में नुकसान
बुधवार सुबह भोटेकोशी नदी का पानी अचानक बढ़ गया। तेज बहाव से टिमुरे बाजार और रसुवा सीमा नाके के कस्टम क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ। कई वाहन पानी में बह गए। बाढ़ से 13 जलविद्युत परियोजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। कई जगह बांध, विद्युतगृह और परियोजनाओं तक पहुंचने वाले रास्तों को नुकसान पहुंचा है। प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
384 यात्री और पर्यटक लापता
पर्यटन और ट्रैवल कंपनियों से मिले शुरुआती रिकॉर्ड के अनुसार 384 यात्रियों के लापता होने की जानकारी मिली है। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक बताए गए हैं।
आंकड़ों की ट्रैवल एजेंसियों, गाइड, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की मदद से जांच की जा रही है। लापता विदेशी नागरिकों में भारतीयों के अलावा ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड्स, अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका के नागरिक शामिल हैं।
This is seriously scary. CCTV footage from Gyirong Port in Tibet, China, directly opposite Nepal’s Rasuwa district. This flash flood hit here first and later caused massive havoc in Nepal. Can’t even imagine someone surviving this. Prayers for everyone affected. ???? https://t.co/o805P8KGSu pic.twitter.com/31QzZ64aBD
— Nikhil saini (@iNikhilsaini) August 26, 2026
कैलाश यात्रा के 31 लोग लापता
कैलाश जर्नी से जुड़े कुल 31 यात्रियों के लापता होने की जानकारी है। इनमें 26 विदेशी नागरिक हैं, जिनकी राष्ट्रीयता की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पांच नेपाली नागरिक भी लापता बताए गए हैं।

पर्यटन बोर्ड, पर्यटक पुलिस, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लापता लोगों की जानकारी जुटा रही हैं। ट्रेकिंग गाइडों की मदद से प्रभावित इलाकों में तलाश अभियान चलाया जा रहा है।
#WATCH | Nepal: Visuals from the flood-affected Nuwakot district in Nepal.
— ANI (@ANI) August 26, 2026
The swollen Bhotekoshi River tore through Nuwakot, leading to homes being swept away, families being separated, and many people still missing. pic.twitter.com/oQ2MJpnxsP
25 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
नेपाल सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजाराम बस्नेत के अनुसार बुसी और तुसु जैसे प्रभावित क्षेत्रों से 25 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। राहत और बचाव अभियान में 15 हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं।
इनमें सात नेपाली सेना के और आठ अन्य एजेंसियों के हैं। मछली ट्रेनिंग कैंप में मेडिकल सेंटर बनाया गया है। यहां घायलों का इलाज किया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीमों के साथ बचाव दल भी तैनात हैं।
Nepal flash flood –
— Sachin Gupta (@Sachingupta) August 26, 2026
नेपाल में आई बाढ़ में 384 टूरिस्ट लापता हो गए हैं। नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने लिस्ट जारी की है। यह डेटा नेपाल की 10 प्रमुख टूरिज्म एजेंसी से लिया गया है। इसमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। 291 में 105 भारत के रहने वाले हैं, बाकी की राष्ट्रीयता की… https://t.co/ukNIReus1D pic.twitter.com/BMNR6B2aZA
13 जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित
बाढ़ के तेज बहाव से नेपाल की 13 जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है। कई परियोजनाओं के बांध, पावरहाउस और पहुंच मार्ग प्रभावित हुए हैं। टिमुरे बाजार और सीमा क्षेत्र में खड़े कई वाहन भी पानी में बह गए।
नुकसान का वास्तविक आकलन जमीनी जांच के बाद किया जाएगा। बाढ़ के खतरे को देखते हुए काठमांडू ट्रैफिक पुलिस ने रसुवा, नुवाकोट, चितवन और धादिंग जाने वाले वाहनों की आवाजाही रोक दी है।
???? INDIA, BE CAREFUL! ????????
— Megh Updates ????™ (@MeghUpdates) August 26, 2026
A major flood wave has entered Nepal’s Bhote Koshi from the Tibetan side, triggering alerts across the Trishuli basin.
Bhote Koshi → Trishuli → Narayani/Gandak → Bihar → Ganga.
West Champaran, East Champaran, Gopalganj, Saran & Vaishali should… pic.twitter.com/5oayN3emjN
भारत- नेपाल सीमा पर SSB सतर्क
नेपाल में बाढ़ के बाद भारत-नेपाल सीमा पर भी सुरक्षा और राहत व्यवस्था बढ़ा दी गई है। SSB ने 11 रेस्क्यू एंड रिलीफ टीमों को तैयार रखा है। सात अतिरिक्त टीमें स्टैंडबाय पर हैं। कोसी और नारायणी नदी बेसिन में पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए निगरानी की जा रही है।
उत्तर और पूर्वी बिहार के साथ उत्तर प्रदेश में घाघरा-कर्णाली तथा उत्तराखंड में महाकाली नदी तंत्र से जुड़े संवेदनशील इलाकों पर भी नजर रखी जा रही है। सीमा पर तैनात SSB बटालियनों को स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर इन टीमों को राहत और बचाव अभियान में लगाया जाएगा।

