17 साल बाद भारत में बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप, सिंधु-सात्विक-चिराग से मेडल की उम्मीद

BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 का आगाज दिल्ली में हो गया है. 17 साल बाद भारत में हो रहे टूर्नामेंट में PV Sindhu, Satwik-Chirag और Lakshya Sen से मेडल की उम्मीद है.

17 साल बाद भारत में बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप, सिंधु-सात्विक-चिराग से मेडल की उम्मीद

नई दिल्ली। बैडमिंटन की दुनिया का बड़ा मुकाबला एक बार फिर भारत पहुंच चुका है. BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 का आगाज सोमवार, 17 अगस्त से नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में हो गया है. टूर्नामेंट 23 अगस्त तक चलेगा. भारत में 17 साल बाद इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप की वापसी हुई है. इससे पहले 2009 में हैदराबाद ने इसकी मेजबानी की थी.

इस बार घरेलू दर्शकों की सबसे बड़ी उम्मीदें पीवी सिंधु, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी से हैं. इनके अलावा लक्ष्य सेन और युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी भी भारतीय चुनौती को मजबूत कर रहे हैं.

सिंधु की नजर छठे वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल पर

पीवी सिंधु इस टूर्नामेंट में इतिहास रचने के इरादे से उतर रही हैं. वह अब तक वर्ल्ड चैंपियनशिप में पांच मेडल जीत चुकी हैं, जिसमें 2019 का गोल्ड भी शामिल है. अब उनकी नजर रिकॉर्ड छठे मेडल पर है. अगर सिंधु पोडियम तक पहुंचती हैं, तो वह वर्ल्ड चैंपियनशिप के इतिहास की सबसे ज्यादा मेडल जीतने वाली महिला खिलाड़ियों में शामिल हो जाएंगी.

सिंधु के लिए इस बार घरेलू कोर्ट का फायदा भी अहम होगा. हालांकि उन पर दर्शकों की उम्मीदों का दबाव भी रहेगा. उन्होंने खुद माना है कि घर में खेलने के कारण दबाव महसूस होता है, लेकिन यही दबाव उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित भी कर रहा है.

सात्विक-चिराग की नजर वर्ल्ड टाइटल पर

पुरुष डबल्स में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी भारत की सबसे बड़ी पदक उम्मीद हैं. यह जोड़ी 2022 और 2025 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी है. अब दोनों की नजर पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनने पर है.

हालांकि सात्विक की कंधे की परेशानी टीम के लिए चिंता का विषय बनी हुई है. इसके बावजूद उन्होंने अपने खेल में बदलाव करते हुए कंधे पर कम दबाव डालने की रणनीति अपनाई है. जोड़ी की एकजुटता और अनुभव उन्हें खिताब का मजबूत दावेदार बनाता है.

लक्ष्य सेन और युवा खिलाड़ियों से भी उम्मीद

पुरुष सिंगल्स में लक्ष्य सेन भारतीय चुनौती का अहम हिस्सा हैं. उनके साथ युवा आयुष शेट्टी भी टूर्नामेंट में उतर रहे हैं. आयुष के सामने पहले ही दौर में मौजूदा विश्व चैंपियन के खिलाफ कड़ी चुनौती है. भारत की कोशिश होगी कि घरेलू परिस्थितियों और दर्शकों के समर्थन का फायदा उठाकर इस बार ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ी पदक की दौड़ तक पहुंचें.

17 साल बाद घर में चैंपियनशिप, उम्मीदें भी बड़ी

भारत में वर्ल्ड चैंपियनशिप की वापसी ऐसे समय हुई है, जब देश का बैडमिंटन पिछले डेढ़ दशक में काफी आगे बढ़ा है. 2009 के बाद सिंधु, साइना नेहवाल, किदांबी श्रीकांत, लक्ष्य सेन और सात्विक-चिराग जैसे खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की पहचान मजबूत की है. अब 17 साल बाद दिल्ली में दुनिया के शीर्ष शटलर आमने-सामने हैं. 23 अगस्त तक चलने वाली इस चैंपियनशिप में भारतीय फैंस की नजर सबसे ज्यादा सिंधु के छठे मेडल और सात्विक-चिराग के पहले वर्ल्ड टाइटल पर रहेगी.