मऊगंज में झमाझम बारिश से नदी-नाले उफान पर, 15 से ज्यादा गांवों का संपर्क प्रभावित

मऊगंज में तीन दिन से हो रही झमाझम बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर हैं। कई गांवों का संपर्क प्रभावित है और नईगढ़ी की आदिवासी बस्ती समेत स्कूलों में जलभराव हो गया है।

मऊगंज में झमाझम बारिश से नदी-नाले उफान पर, 15 से ज्यादा गांवों का संपर्क प्रभावित

राजेंद्र पयासी मऊगंज 


मऊगंज।
जिले में पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही झमाझम बारिश के बाद जनजीवन प्रभावित हो गया है। एक सप्ताह पहले तक सूखे पड़े नदी-नाले अब उफान पर हैं। कई सड़कें और रपटेनुमा पुल पानी में डूब गए हैं, जिससे मऊगंज और हनुमना विकासखंड के कई गांवों का मुख्यालय और बाजार से संपर्क प्रभावित हुआ है। वहीं नईगढ़ी की आदिवासी बस्ती समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।लगातार बारिश के चलते कगास, हरफरी, गोरमा, सेलार, निहाई और ओड्डा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। बंधवा भीर, भलुहा तेंदुआ, देवरी, जुड़मनिया और सुनआ-फूल मार्ग समेत कई रास्तों पर बने छोटे पुल और रपटे पानी में डूब गए हैं। इससे आसपास के 15 से अधिक गांवों के लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

उफनती नदी पार करने को मजबूर ग्रामीण

रास्ते बंद होने के बावजूद ग्रामीण जरूरी कामों के लिए घरों से निकलने को मजबूर हैं। सोमवार सुबह कई जगह युवा, महिलाएं और बुजुर्ग तेज बहाव वाली नदियों को पार करते दिखाई दिए। कोई राशन लेने जा रहा था तो किसी को काम पर जाना था। ऐसे में एक छोटी सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है।ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान हर साल इसी तरह की स्थिति बनती है। कई रास्ते और रपटे पानी में डूब जाते हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित मार्गों पर पुलिस और राजस्व अमले को निगरानी के निर्देश दिए हैं। लोगों से पानी के ऊपर से नदी और पुल पार नहीं करने की अपील भी की गई है।

स्कूलों में घुटनों तक पानी, पढ़ाई पर असर

बारिश का असर स्कूलों पर भी पड़ा है। नईगढ़ी के उत्कृष्ट विद्यालय और कन्या हायर सेकंडरी स्कूल समेत कई स्कूल परिसरों में घुटनों तक पानी भर गया है। विद्यार्थियों को मुख्य गेट से कक्षाओं तक पहुंचने के लिए पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों की मरम्मत और जल निकासी के लिए राशि उपलब्ध कराई जाती है, लेकिन समय रहते जरूरी व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बारिश में यही समस्या सामने आती है। स्थानीय लोगों ने स्कूल परिसरों से तत्काल पानी निकालने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है।

नईगढ़ी की आदिवासी बस्ती में घरों में घुसा पानी

नगर परिषद नईगढ़ी के वार्ड क्रमांक 14 और 15 की आदिवासी बस्ती में भी जलभराव की गंभीर स्थिति बनी हुई है। कई घरों में पानी घुसने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने के बाद नगरीय निकाय के अधिकारी-कर्मचारी, प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची।जल निकासी के लिए जेसीबी मशीन बुलाकर व्यवस्था बनाने का प्रयास किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नालियों की सफाई और पानी निकासी की व्यवस्था कर दी जाती तो बस्ती में इस तरह की स्थिति नहीं बनती।

ग्रामीणों ने स्थायी समाधान की मांग की

बारिश से प्रभावित ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि रपटों की जगह ऊंचे पुल बनाए जाएं, स्कूल परिसरों में स्थायी जल निकासी की व्यवस्था हो और बाढ़ के दौरान संपर्क टूटने वाले गांवों के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार किए जाएं।फिलहाल प्रशासन की निगरानी जारी है, लेकिन बारिश के कारण पैदा हुई स्थिति ने एक बार फिर जल निकासी और ग्रामीण संपर्क मार्गों की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर साल बारिश के दौरान सामने आने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान कब होगा, यह सवाल अब भी बना हुआ है।