IND vs ENG 3rd ODI: इंग्लैंड ने खड़ा किया 387 रन का विशाल स्कोर, भारत के सामने सीरीज बचाने की कठिन चुनौती
IND vs ENG 3rd ODI में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 387/3 का विशाल स्कोर बनाया. बेन डकेट ने 141 और जैकब बेथेल ने 91 रन बनाए. भारत को सीरीज जीतने के लिए 388 रन का लक्ष्य मिला.
भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे तीसरे और निर्णायक वनडे में मेजबान टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 3 विकेट पर 387 रन बनाए. सीरीज 1-1 से बराबर होने के कारण यह मुकाबला ट्रॉफी का फैसला करेगा और अब भारत को खिताब जीतने के लिए 388 रन का लक्ष्य हासिल करना होगा.
इंग्लैंड की शुरुआत बेहद आक्रामक रही. सलामी बल्लेबाज बेन डकेट ने शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और शानदार 141 रन की पारी खेली. उनके साथ जैकब बेथेल ने भी 91 रन बनाकर पहले विकेट के लिए बड़ी साझेदारी की. दोनों बल्लेबाजों ने नई गेंद का पूरा फायदा उठाया और भारतीय गेंदबाजी को शुरुआती सफलता से दूर रखा.
ओपनिंग साझेदारी टूटने के बाद भी इंग्लैंड की बल्लेबाजी की रफ्तार कम नहीं हुई. अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने नाबाद 74 रन बनाकर पारी को मजबूती दी, जबकि कप्तान जोस बटलर ने आखिरी ओवरों में तेज बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 41 रन जोड़े. अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनने के कारण इंग्लैंड 387 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंचने में सफल रहा.
भारतीय गेंदबाज पूरे मैच में लय की तलाश करते नजर आए. शुरुआती विकेट नहीं मिलने से इंग्लैंड के बल्लेबाज खुलकर खेलने में सफल रहे. बीच के ओवरों में भी रन गति पर ज्यादा नियंत्रण नहीं बन पाया और डेथ ओवरों में इंग्लैंड ने तेजी से रन जोड़कर भारत की चुनौती और कठिन कर दी.
अब मैच का पूरा दबाव भारतीय बल्लेबाजी पर है. रोहित शर्मा, शुभमन गिल, विराट कोहली और मध्यक्रम के अन्य बल्लेबाजों को शुरुआत से ही जिम्मेदारी के साथ खेलना होगा. 388 रन का लक्ष्य वनडे क्रिकेट में हमेशा चुनौतीपूर्ण माना जाता है, लेकिन यदि भारत की शीर्ष क्रम की बल्लेबाजी लंबी साझेदारी करती है तो मुकाबला रोमांचक हो सकता है.
यह मुकाबला सिर्फ एक जीत या हार तक सीमित नहीं है. जो टीम यह मैच अपने नाम करेगी, वही तीन मैचों की वनडे सीरीज भी जीतेगी. ऐसे में दोनों देशों के क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें अब भारत की रनचेज पर टिकी हैं कि क्या टीम ऐतिहासिक लक्ष्य हासिल कर सीरीज अपने नाम कर पाएगी या इंग्लैंड घरेलू मैदान पर ट्रॉफी उठाने में सफल रहेगा.
Anubhav Dubey 
