नकटी मामले को लेकर सड़क से सदन तक सियासी घमासान, कांग्रेस ने राजभवन तक की 14 KM पदयात्रा

नकटी बुलडोजर कार्रवाई पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में हंगामा, विपक्ष का स्थगन प्रस्ताव; सरकार ने बताया संवैधानिक

नकटी मामले को लेकर सड़क से सदन तक सियासी घमासान, कांग्रेस ने राजभवन तक की 14 KM पदयात्रा

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई का मुद्दा लगातार गरमाया हुआ है। मंगलवार को सदन की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस ने इस मामले को लेकर स्थगन प्रस्ताव पेश किया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि गरीब परिवारों के घरों पर की गई कार्रवाई मानवाधिकारों का उल्लंघन है और सरकार ने बिना संवेदनशीलता दिखाए बुलडोजर चलाया।

कांग्रेस विधायकों ने कहा कि प्रभावित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए और इस पूरे मामले पर विधानसभा में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। विपक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में बुलडोजर कार्रवाई की संस्कृति बढ़ रही है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गरीबों के घरों को हटाने से पहले उनके स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।

स्थगन प्रस्ताव खारिज, कांग्रेस विधायकों का हंगामा

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कांग्रेस के स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद विपक्षी विधायक आक्रोशित हो गए और उन्होंने सदन के गर्भगृह में पहुंचकर नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामा बढ़ने के बाद विधानसभा की कार्यवाही प्रभावित हुई और कांग्रेस के सभी विधायकों को निलंबित कर दिया गया। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक आवाज दबाने का प्रयास बताया और कहा कि वह नकटी प्रभावित परिवारों के अधिकारों के लिए अपना आंदोलन जारी रखेगी।

सरकार का दावा- कानून के तहत हुई कार्रवाई

सदन में सरकार की ओर से मंत्री टंकराम वर्मा ने नकटी मामले पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि बुलडोजर कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। मंत्री ने बताया कि अतिक्रमण हटाने से पहले संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए थे और उन्हें पर्याप्त समय दिया गया था।

सरकार ने दावा किया कि कार्रवाई के दौरान किसी भी परिवार के घरेलू सामान को नुकसान नहीं पहुंचाया गया। मंत्री ने यह भी कहा कि प्रभावित लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था की गई है और यह कहना गलत है कि कार्रवाई नियमों को दरकिनार कर की गई।

इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघ शिकार का मुद्दा उठा

विधानसभा में इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार का मामला भी उठा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सरकार से इस मामले में जवाब मांगा। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तार किए गए आईबी जवान का नाम सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है और मामले में राजनीतिक संरक्षण की आशंका है। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि वन्यजीव अपराध गंभीर मामला है और जांच जारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

कांग्रेस की राजभवन तक पदयात्रा

नकटी कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने विधानसभा के बाहर भी आंदोलन तेज कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और प्रभावित परिवारों ने रायपुर में राजभवन तक करीब 14 किलोमीटर की पदयात्रा निकाली।

पदयात्रा में शामिल महिलाओं ने सरकार से मांग की कि उन्हें नकटी गांव में ही दोबारा घर बनाकर दिए जाएं। प्रदर्शनकारियों ने “नकटी में ही घर बनाओ” जैसे नारे लगाए। कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने की तैयारी में है।

नकटी विवाद बना बड़ा राजनीतिक मुद्दा

नकटी बुलडोजर कार्रवाई अब छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन चुकी है। जहां सरकार इसे अतिक्रमण हटाने की सामान्य कानूनी प्रक्रिया बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे गरीबों के खिलाफ कार्रवाई और जनहित से जुड़ा मुद्दा बता रही है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर विधानसभा और सड़क दोनों जगह राजनीतिक टकराव जारी रहने के संकेत हैं।