अब हर संकट में डायल करें 112, रायपुर में गृहमंत्री अमित शाह ने 400 इमरजेंसी वाहनों को दिखाई हरी झंडी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर में डायल-112 सेवा के 400 नए हाईटेक वाहनों को हरी झंडी दिखाई। अब पुलिस, फायर और मेडिकल इमरजेंसी की मदद एक ही नंबर 112 पर मिलेगी।

अब हर संकट में डायल करें 112, रायपुर में गृहमंत्री अमित शाह ने 400 इमरजेंसी वाहनों को दिखाई हरी झंडी

रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजधानी के माना स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में डायल 112 के 400 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाई। अब क्राइम, मेडिकल इमरजेंसी और आगजनी जैसी घटनाओं में लोगों को एक ही नंबर 112 पर मदद मिलेगी।

इसके बाद अमित शाह जगदलपुर रवाना हुए, जहां उन्होंने शहीद गुंडाधुर के गांव नेतानार में जन सुविधा केंद्र की शुरुआत की। साथ ही अमर वाटिका पहुंचकर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। 

अपने दौरे के अंतिम चरण में गृह मंत्री जगदलपुर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस अहम बैठक में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। बैठक में राज्यों के बीच समन्वय, सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

400 नए वाहनों के साथ डायल-112

‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ थीम के साथ शुरू की गई डायल-112 सेवा के जरिए अब पुलिस, फायर ब्रिगेड और मेडिकल इमरजेंसी की मदद एक ही नंबर पर मिल सकेगी। लोगों तक तेजी से सहायता पहुंचाने के लिए प्रदेश में 400 नए हाईटेक वाहन शामिल किए गए हैं। इनमें जीपीएस, कैमरा और वायरलेस सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं।

डायल 112 सेवा का विस्तार राज्य सरकार की उन बड़ी योजनाओं में शामिल है, जिसके जरिए पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है। डिप्टी सीएम विजय शर्मा के अनुसार, पहले यह सुविधा कुछ जिलों तक सीमित थी, लेकिन अब इसे पूरे छत्तीसगढ़ के सभी थानों तक बढाया जा रहा है, ताकि हर जिले के लोगों को तुरंत मदद मिल सके।

बस्तर में विकास, सुरक्षा और संस्कृति पर फोकस

छत्तीसगढ़ सरकार ने अपराध जांच को तेज और आधुनिक बनाने के लिए सभी 33 जिलों में मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट्स शुरू की हैं। इन वाहनों में मौजूद आधुनिक उपकरणों की मदद से घटनास्थल पर ही शुरुआती जांच की जा सकेगी।

रायपुर कार्यक्रम के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जगदलपुर पहुंचे और वहां से नेतानार रवाना हुए, जहां उन्होंने जन सुविधा केंद्र का उद्घाटन किया। इसके बाद वे अमर वाटिका पहुंचे और शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। दौरे के अगले चरण में अमित शाह बादल एकेडमी में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान बस्तर में विकास कार्यों, सुरक्षा व्यवस्था और जनकल्याण योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। साथ ही विभिन्न विभागों की ओर से प्रेजेंटेशन भी दिए जाएंगे।

शाम के समय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वे बादल अकादमी में आयोजित ‘बस्तर के संग’ लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होंगे, जहां बस्तर की पारंपरिक लोक कला, नृत्य और संस्कृति की प्रस्तुति दी जाएगी। कार्यक्रम के बाद वे जगदलपुर में ही रुकेंगे।

मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक

अमित शाह के दौरे के तीसरे दिन 19 मई को जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक आयोजित होगी। इस बैठक में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति, विकास कार्यों और राज्यों के बीच समन्वय जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। दौरे के दौरान बस्तर में विकास और जनसुविधाओं पर भी खास फोकस रहेगा। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर के सुरक्षा कैंपों को भविष्य में सुविधा केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसकी शुरुआत नेतानार से हो रही है।

पीसीसी चीफ दीपक बैज का बयान

इधर, केंद्रीय गृह मंत्री के बस्तर दौरे को लेकर राजनीतिक बयान भी सामने आने लगे हैं। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा मौजूद है, तो बैठक ऑनलाइन भी की जा सकती थी। 

उन्होंने कहा कि इस बैठक के लिए कई राज्यों के मुख्यमंत्री और अधिकारी विशेष विमानों से बस्तर पहुंच रहे हैं, जिससे काफी खर्च होगा। बैज का कहना है कि सरकार एक तरफ पेट्रोल-डीजल बचाने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ ऐसे आयोजनों में बड़े स्तर पर संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है।