सिवनी हवाला लूटकांड: मुख्य आरोपी पूजा पांडे को SC से राहत, जमानत की वजह बना 2 साल का बच्चा

सिवनी हवाला लूटकांड में मुख्य आरोपी को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने SDOP पूजा पांडे को जमानत दी

सिवनी हवाला लूटकांड: मुख्य आरोपी पूजा पांडे को SC से राहत, जमानत की वजह बना 2 साल का बच्चा

मध्य प्रदेश के चर्चित सिवनी हवाला लूटकांड मामले में मुख्य आरोपी को बड़ी राहत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने निलंबित एसडीओपी पूजा पांडे को जमानत दे दी है। अदालत ने जमानत इसलिए दी है क्योंकि वह एकल मां हैं और उनके साथ 2 साल का बच्चा भी जेल में रह रहा है।

हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि मामले की सुनवाई ट्रायल कोर्ट में जारी रहेगी और केस पर अंतिम निर्णय वहीं से होगा। बता दें, पूजा पांडे करीब 3 करोड़ रुपए के हवाला लूटकांड की मुख्य आरोपी हैं। इस केस में उनके साथ कई पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। 

क्या है सिवनी हवाला लूटकांड?

यह पूरा मामला सिवनी जिले के खैरीटेक क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि पुलिस टीम ने एक व्यक्ति से भारी मात्रा में नकदी जब्त की थी, जो नागपुर से आए सोहन परमार से संबंधित बताई जाती है। सूत्रों के अनुसार, मौके पर करीब 3 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की गई थी, लेकिन बाद में रिकॉर्ड में केवल 1.45 करोड़ रुपये ही दर्शाए गए। इसी अंतर और कार्रवाई में अनियमितताओं को लेकर यह पूरा मामला विवादों में आ गया और इसे “हवाला लूटकांड” के रूप में जाना जाने लगा।

IG ने 9 पुलिसकर्मियों को किया था सस्पेंड

मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान कई गंभीर आरोप सामने आए, जिनमें नकदी की सही जानकारी न देना और आरोपी को बिना उचित कानूनी कार्रवाई के छोड़ देना शामिल था। इसके बाद 9 अक्टूबर को IG प्रमोद वर्मा ने कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी समेत 9 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। इसके बाद में 10 अक्टूबर को डीजीपी कैलाश मकवाना ने भी एसडीओपी पूजा पांडे को निलंबित कर दिया था।

इस मामले में आरोप है कि पुलिस टीम ने कथित तौर पर वर्दी और हथियारों का गलत इस्तेमाल करते हुए योजना बनाकर यह कार्रवाई की। साथ ही यह भी कहा गया कि जब्त की गई राशि की सही रिपोर्टिंग नहीं की गई, जिससे प्रशासनिक स्तर पर गंभीर सवाल खड़े हुए। जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और गवाहों के बयान भी जुटाए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था, जिसने कई अधिकारियों और पुलिसकर्मियों से पूछताछ की।

केस में अब तक कई सह-आरोपियों को मिली जमानत

इस केस में अब तक कई सह-आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। वहीं, कुछ मामलों में एफआईआर भी निरस्त की जा चुकी है। इसके बाद एसडीओपी पूजा पांडे ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी, जिस पर उन्हें राहत मिल गई। हालांकि, अदालत ने यह स्पष्ट किया है कि जमानत का मतलब आरोपों से पूर्ण मुक्ति नहीं है। ट्रायल कोर्ट में मामले की सुनवाई जारी रहेगी और अंतिम फैसला सबूतों के आधार पर होगा।