छत्तीसगढ़ में मौसम का कहर: रायपुर में उड़ें होर्डिंग्स-गिरे पेड़, 3 दिन आंधी-बारिश का अलर्ट

छत्तीसगढ़ में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से चली आंधी, रायपुर सहित कई जिलों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

छत्तीसगढ़ में मौसम का कहर: रायपुर में उड़ें होर्डिंग्स-गिरे पेड़, 3 दिन आंधी-बारिश का अलर्ट

राजधानी रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटों से मौसम ने अचानक करवट ले ली है। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में तेज आंधी, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। शनिवार रात रायपुर में ओलावृष्टि भी हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिली लेकिन कई जगह नुकसान भी देखने को मिला।

40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से चली आंधी

तेज आंधी की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिससे कई स्थानों पर होर्डिंग्स उड़ गए और पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए। रायपुर के केनाल रोड पर पेड़ गिरने से रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बैरिकेडिंग कर मार्ग को वन-वे किया, क्योंकि नगर निगम और पीडब्ल्यूडी की टीम देर रात तक मौके पर नहीं पहुंच सकी।

बिजली गिरने से 20 मवेशियों की मौत

तेज मौसम का सबसे बड़ा असर बिजली गिरने की घटनाओं में देखने को मिला। बीजापुर जिले में बिजली गिरने से करीब 10 मवेशियों की मौत हो गई। वहीं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के पर्यटन क्षेत्र राजमेरगढ़ में भी बिजली गिरने से लगभग 10 मवेशियों ने दम तोड़ दिया। इन घटनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में चिंता का माहौल है।

इसके अलावा कोरबा, धमतरी और कोंडागांव सहित कई जिलों में भी तेज बारिश और आंधी का प्रभाव देखा गया। अचानक बदले मौसम ने जहां एक ओर तापमान में गिरावट लाई, वहीं दूसरी ओर कई जगह जनजीवन प्रभावित हुआ।

मौसम विभाग ने 3 दिनों का जारी किया अलर्ट

मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक छत्तीसगढ़ में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान हवा की गति 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक बनी रह सकती है। विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद अगले कुछ दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री की और वृद्धि के संकेत हैं। वर्तमान में रायपुर में अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

मौसम बदलाव का कारण, इस बार जल्द आएगा मानसून 

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में सक्रिय लो-प्रेशर सिस्टम और ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण के कारण नमी बढ़ गई है। इसके साथ ही ट्रफ लाइन की सक्रियता से प्रदेश में आंधी-बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं।

मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है। इसके बाद देश के अन्य हिस्सों में भी धीरे-धीरे इसका प्रभाव बढ़ेगा।