राहुल गांधी को विशेषाधिकार समिति का नोटिस, अमित शाह पर टिप्पणी मामले में 28 अगस्त तक मांगा जवाब
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में विशेषाधिकार समिति ने नोटिस जारी किया है। राहुल गांधी से 28 अगस्त तक जवाब मांगा गया है। जानिए क्या है पूरा मामला, किस आधार पर शिकायत हुई और विशेषाधिकार समिति में अब आगे क्या होगा।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित आपत्तिजनक और असंसदीय टिप्पणी के मामले में विशेषाधिकार समिति ने नोटिस जारी किया है। समिति ने राहुल गांधी से 28 अगस्त तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा है।
यह मामला लोकसभा में पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी द्वारा अमित शाह के खिलाफ लगाए गए कथित आरोपों से जुड़ा है। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने 30 जुलाई को राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से इस मामले में कार्रवाई की मांग की थी।
इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने शिकायत को जांच के लिए विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया। समिति की ओर से जारी नोटिस में राहुल गांधी पर सदन में असंसदीय और अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है।

नियम 353 के उल्लंघन का आरोप
नोटिस में यह भी कहा गया है कि राहुल गांधी ने नियम 353 के तहत जरूरी अग्रिम सूचना दिए बिना गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ गंभीर और कथित तौर पर निराधार आरोप लगाए। समिति ने इन आरोपों पर राहुल गांधी से उनका पक्ष स्पष्ट करने को कहा है।
संजय जायसवाल की शिकायत भी रिकॉर्ड में शामिल
मामले में भाजपा सांसद डॉ. संजय जायसवाल का 29 जुलाई 2026 का पत्र भी शामिल किया गया है। उन्होंने लोकसभा में बहस के दौरान राहुल गांधी द्वारा गृह मंत्री के खिलाफ इस्तेमाल किए गए कथित असंसदीय शब्दों पर संज्ञान लेने और नियमों के तहत उचित कार्रवाई की मांग की थी।
कार्यवाही से हटाया गया था एक शब्द
पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी के भाषण में इस्तेमाल किए गए एक असंसदीय शब्द को बाद में सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया था। इस दौरान सदन में हंगामा भी हुआ, जिसके कारण राहुल गांधी अपना भाषण पूरा नहीं कर सके थे।
अब विशेषाधिकार समिति के नोटिस के बाद राहुल गांधी को 28 अगस्त तक अपना जवाब देना है। इसके बाद समिति मामले में उनके जवाब और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई पर विचार कर सकती है।
Varsha Shrivastava 
