स्वतंत्रता दिवस पर सोनिया गांधी ने किया वन्दे मातरम् का अपमान?
स्वतंत्रता दिवस पर ‘वंदे मातरम्’ को लेकर BJP और कांग्रेस आमने-सामने। वायरल वीडियो पर BJP के आरोप और जयराम रमेश की सफाई ने बढ़ाया विवाद।
80वें स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ के पूरे गायन को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया। कार्यक्रम में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे मौजूद थे। वायरल वीडियो में ‘वंदे मातरम्’ का गायन जारी रहने के दौरान सोनिया गांधी, खड़गे और बाद में राहुल गांधी की ओर से इशारे करते हुए दिखाई देने के बाद BJP ने कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल खड़े किए।
#WATCH | Delhi: The full Vande Mataram, was played at 80th Independence Day celebrations held at Congress headquarters today
— ANI (@ANI) August 15, 2026
Congress President Mallikarjun Kharge, CPP chairperson Sonia Gandhi and LoP Lok Sabha Rahul Gandhi and others were present on the occassion pic.twitter.com/BOkL9lbvMQ
BJP ने लगाया ‘वंदे मातरम्’ रोकने का आरोप
BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लाल किले पर मौजूद नहीं रहने और कांग्रेस मुख्यालय में हुए घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी पर ‘वंदे मातरम्’ के प्रति कथित नफरत का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा रवैया विपक्ष के नेता के पद के अनुरूप नहीं है।
BJP नेताओं और समर्थकों ने वायरल वीडियो को लेकर आरोप लगाया कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने ‘वंदे मातरम्’ के शुरुआती हिस्से के बाद आगे का गायन रोकने का संकेत दिया। वीडियो में सोनिया गांधी और खड़गे की ओर से ऐसे इशारे दिखाई देते हैं जिन्हें आलोचकों ने गायन रोकने से जोड़कर देखा।
राहुल गांधी भी वीडियो में नजर आए
वायरल वीडियो में सोनिया गांधी और खड़गे के बाद राहुल गांधी भी इशारा करते दिखाई देते हैं। इसको लेकर BJP ने कांग्रेस की राष्ट्रगीत को लेकर सोच पर सवाल उठाए। हालांकि वीडियो के इशारे का वास्तविक उद्देश्य क्या था, यह केवल वीडियो के आधार पर निश्चित रूप से साबित नहीं होता।
कांग्रेस की ओर से जयराम रमेश ने दी सफाई
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने विवाद को खारिज करते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के पूरे गायन को लेकर कोई विवाद नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोनिया गांधी का इशारा गीत रोकने के लिए नहीं था, बल्कि मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मंगाने को लेकर था, क्योंकि खड़गे काफी देर से खड़े थे।
जयराम रमेश ने यह भी कहा कि ‘वंदे मातरम्’ का पूरा गायन हुआ और इसे लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है।
विवाद क्यों बढ़ा?
दरअसल, इस साल ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर पूरे गीत के गायन को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस चल रही है। BJP इसे राष्ट्रीय गौरव और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े प्रतीक के रूप में जोर दे रही है, जबकि कांग्रेस ने सरकार पर राष्ट्रीय प्रतीकों को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया है।
इसी पृष्ठभूमि में कांग्रेस मुख्यालय का यह वीडियो सामने आने के बाद BJP ने इसे कांग्रेस की सोच से जोड़ दिया और कांग्रेस को सफाई देनी पड़ी।
आरोप बनाम सफाई
BJP का आरोप: सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व ने ‘वंदे मातरम्’ के पूरे गायन को रोकने का संकेत दिया और यह राष्ट्रीय गीत के प्रति अनादर है।
कांग्रेस की सफाई: सोनिया गांधी का इशारा ‘वंदे मातरम्’ रोकने के लिए नहीं था। जयराम रमेश के मुताबिक वह खड़गे के लिए कुर्सी मंगाने का संकेत कर रही थीं। कांग्रेस ने कहा कि पूरा ‘वंदे मातरम्’ गाया गया।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्वतंत्रता दिवस के दिन एक बार फिर ‘वंदे मातरम्’ को लेकर BJP और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं। फिलहाल विवाद का केंद्र वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले इशारे और उसके अलग-अलग राजनीतिक अर्थ हैं।
Varsha Shrivastava 
