UP Cabinet Expansion: योगी कैबिनेट में 6 नए मंत्रियों की एंट्री, चुनावी समीकरण साधने पर भाजपा का फोकस

योगी कैबिनेट का आज रविवार को दूसरी बार विस्तार हुआ. 2 कैबिनेट, 4 राज्यमंत्री और 2 राज्यमंत्रियों को प्रमोशन देकर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है.

UP Cabinet Expansion: योगी कैबिनेट में 6 नए मंत्रियों की एंट्री, चुनावी समीकरण साधने पर भाजपा का फोकस

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में रविवार का दिन बेहद अहम रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार का दूसरा कैबिनेट विस्तार राजभवन स्थित गांधी सभागार में आयोजित किया गया, जहां राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 6 नए विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इससे पहले शनिवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल से मुलाकात कर मंत्रिमंडल विस्तार को अंतिम रूप दिया था।

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने इस विस्तार में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति अपनाई है। खास तौर पर ओबीसी, दलित और ब्राह्मण वोट बैंक को साधने पर फोकस किया गया है।

इन नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ

भूपेंद्र चौधरी

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभावशाली जाट नेताओं में शामिल भूपेंद्र चौधरी मुरादाबाद क्षेत्र से आते हैं। 55 वर्षीय चौधरी पहले पंचायती राज विभाग में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। वर्ष 2016 में पहली बार एमएलसी बने और 2022 में दोबारा विधान परिषद पहुंचे। भाजपा संगठन में भी उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।

मनोज पाण्डे

रायबरेली की ऊंचाहार सीट से विधायक मनोज पाण्डे पूर्व में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रह चुके हैं। ब्राह्मण समाज से आने वाले मनोज पाण्डे लगातार तीन बार विधायक चुने गए हैं। अखिलेश यादव सरकार में मंत्री रहने के बाद उन्होंने 2024 में भाजपा का दामन थाम लिया था। रायबरेली क्षेत्र में उनका खास राजनीतिक प्रभाव माना जाता है।

कृष्णा पासवान

फतेहपुर जिले की खागा सीट से विधायक कृष्णा पासवान भाजपा की प्रमुख दलित महिला चेहरों में गिनी जाती हैं। वह चार बार विधानसभा चुनाव जीत चुकी हैं। राजनीति में आने से पहले वह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थीं। हाल ही में सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांचते हुए उनका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था।

हंसराज विश्वकर्मा

हंसराज विश्वकर्मा का राजनीतिक सफर बूथ कार्यकर्ता से शुरू होकर मंत्री पद तक पहुंचा है। वाराणसी से जुड़े हंसराज वर्तमान में भाजपा के जिलाध्यक्ष हैं। विश्वकर्मा समाज में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है और उन्हें ओबीसी वर्ग का मजबूत चेहरा माना जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र से जुड़े होने के कारण उनकी राजनीतिक अहमियत और बढ़ गई है।

कैलाश राजपूत

कन्नौज की तिर्वा विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले कैलाश राजपूत लोधी समाज से आते हैं। 67 वर्षीय राजपूत ओबीसी वर्ग में भाजपा के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। अखिलेश यादव के प्रभाव वाले क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है।

सुरेंद्र दिलेर

31 वर्षीय सुरेंद्र दिलेर इस मंत्रिमंडल विस्तार के सबसे युवा चेहरों में शामिल हैं। अलीगढ़ की खैर सीट से विधायक सुरेंद्र पहली बार 2024 के उपचुनाव में विधानसभा पहुंचे। एससी समाज से आने वाले सुरेंद्र दिलेर को राजनीतिक विरासत परिवार से मिली है। उनके दादा किसान लाल दिलेर और पिता राजवीर दिलेर क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय और प्रभावशाली रहे हैं।