Devendra Nath Mahto को तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोका, अस्पताल के बाहर पुलिस तैनात
झारखंड में छात्रों के समर्थन में 15 दिनों से अनशन कर रहे देवेंद्र नाथ महतो को तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोक दिया गया। अस्पताल के बाहर भारी पुलिस बल तैनात होने का दावा।
रांची। झारखंड के छात्रों की मांगों के समर्थन में पिछले 15 दिनों से अनशन कर रहे देवेंद्र नाथ महतो आज छात्रों के साथ तिरंगा यात्रा में शामिल होना चाहते थे, लेकिन उन्हें अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति नहीं मिली। महतो फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं और लगातार छात्रों के मुद्दों को लेकर अनशन कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि देवेंद्र नाथ महतो तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए अस्पताल से बाहर निकलना चाहते थे। हालांकि, उन्हें अस्पताल से बाहर जाने की इजाजत नहीं दी गई। इस दौरान अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। दावा किया जा रहा है कि महतो को तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोकने के लिए 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी अस्पताल के बाहर तैनात किए गए हैं।
शर्मनाक, बेहद शर्मनाक।
— Ashok Shrivastav (@AshokShrivasta6) August 15, 2026
आज स्वतंत्रता दिवस है। झारखंड में स्टूडेंट्स के लिए भूख हड़ताल पर बैठे देवेन्द्र नाथ महतो फिलहाल हॉस्पिटल में हैं। पर आज वो तिरंगा रैली में हिस्सा लेना चाहते थे, पर हॉस्पिटल में झारखंड पुलिस ने उनके साथ क्या किया खुद ही देखिए।
आजाद देश में स्टूडेंट्स का… pic.twitter.com/PttZ1wI8Be
देवेंद्र नाथ महतो पिछले 15 दिनों से छात्रों की मांगों को लेकर अनशन पर हैं। उनकी मांगों को लेकर छात्र आंदोलन भी लगातार चर्चा में बना हुआ है। इसी बीच स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छात्रों की ओर से तिरंगा यात्रा निकाली जा रही थी, जिसमें महतो भी शामिल होना चाहते थे।
हालांकि, अस्पताल से बाहर निकलने की अनुमति नहीं मिलने के बाद अब पुलिस की तैनाती और महतो को यात्रा में शामिल होने से रोकने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। छात्रों और समर्थकों के बीच भी इसे लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर 15 दिनों से अनशन कर रहे देवेंद्र नाथ महतो को तिरंगा यात्रा में शामिल होने से क्यों रोका गया? क्या उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई या फिर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने यह कदम उठाया? इन सवालों का जवाब प्रशासन की ओर से सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Anubhav Dubey 
