IND vs SL Test Squad 2026: श्रीलंका सीरीज के लिए टीम इंडिया घोषित, जडेजा-बुमराह की वापसी
श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान हो गया है. रविंद्र जडेजा और जसप्रीत बुमराह की वापसी हुई है, जबकि ऑफ स्पिनर सारांश जैन को पहली बार टेस्ट टीम में जगह मिली है.
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा कर दी है. इस स्क्वाड में अनुभवी ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा और तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की वापसी हुई है. वहीं घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले ऑफ स्पिनर सारांश जैन को पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है.
भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज की शुरुआत 15 अगस्त से होगी. यह सीरीज सिर्फ दोनों टीमों के बीच मुकाबला नहीं, बल्कि भारतीय खिलाड़ियों के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करने का भी बड़ा मौका होगी.
जडेजा और बुमराह से बढ़ी टीम की ताकत
रविंद्र जडेजा की वापसी से भारतीय टीम को बल्लेबाजी के साथ-साथ स्पिन गेंदबाजी में भी मजबूती मिलेगी. दूसरी ओर जसप्रीत बुमराह के टीम में लौटने से तेज गेंदबाजी आक्रमण और अधिक संतुलित नजर आएगा. लंबे समय बाद दोनों वरिष्ठ खिलाड़ी एक साथ टेस्ट टीम का हिस्सा बने हैं.
सारांश जैन को पहली बार मिला टेस्ट कॉल-अप
इस टीम की सबसे बड़ी चर्चा सारांश जैन को लेकर है. घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बाद आखिरकार उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका मिला है. ऑफ स्पिन के साथ उपयोगी बल्लेबाजी करने वाले सारांश को भविष्य के खिलाड़ी के रूप में देखा जा रहा है. अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि उन्हें टेस्ट कैप पहनने का मौका मिलता है या नहीं.
15 अगस्त से शुरू होगी सीरीज
भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैच खेले जाएंगे. पहले मुकाबले की शुरुआत 15 अगस्त से होगी. यह सीरीज विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, इसलिए दोनों टीमें जीत के इरादे से मैदान में उतरेंगी.
किन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें?
इस दौरे में सबसे ज्यादा फोकस तीन खिलाड़ियों पर रहेगा. पहला, जसप्रीत बुमराह जो वापसी के बाद अपनी लय तलाशेंगे. दूसरा, रविंद्र जडेजा जिनसे हरफनमौला प्रदर्शन की उम्मीद होगी. तीसरा, सारांश जैन, जो पहली बार भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा बने हैं और मौका मिलने पर खुद को साबित करना चाहेंगे.
Anubhav Dubey 
