'RSS बैन ही नहीं हो सकता...', प्रियांक खड़गे ने संघ से पूछे आजादी की लड़ाई और रजिस्ट्रेशन पर सवाल

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने RSS पर फिर सवाल उठाए हैं। उन्होंने संघ की आजादी की लड़ाई में भूमिका, रजिस्ट्रेशन और मोहन भागवत की सुरक्षा को लेकर कई सवाल किए।

'RSS बैन ही नहीं हो सकता...', प्रियांक खड़गे ने संघ से पूछे आजादी की लड़ाई और रजिस्ट्रेशन पर सवाल

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS को लेकर सवाल खड़े किए हैं। कलबुर्गी में उन्होंने संघ की आजादी की लड़ाई में भूमिका से लेकर उसके रजिस्ट्रेशन तक पर सवाल उठाए। इसके साथ ही उन्होंने RSS प्रमुख मोहन भागवत को मिलने वाली सुरक्षा को लेकर भी सवाल किया।प्रियांक खड़गे ने कहा कि RSS से उनका सीधा सवाल है कि संगठन ने देश की आजादी की लड़ाई में किस आंदोलन में हिस्सा लिया था। उन्होंने दावा किया कि आजादी की लड़ाई में अलग-अलग राजनीतिक दलों और संगठनों के लोगों ने हिस्सा लिया था।

'आजादी की लड़ाई में RSS कहां था?'

प्रियांक खड़गे ने कहा कि RSS को यह बताना चाहिए कि उसने देश की आजादी की लड़ाई में किस आंदोलन में हिस्सा लिया था। उन्होंने कांग्रेस के उन लोगों का भी जिक्र किया जिन्होंने आजादी की लड़ाई में हिस्सा लिया और शहादत दी।उन्होंने कहा कि अगर RSS के पास आजादी की लड़ाई में अपनी भूमिका से जुड़े लोगों की सूची है तो उसे सामने रखना चाहिए।

RSS के रजिस्ट्रेशन पर भी सवाल

प्रियांक खड़गे ने RSS के रजिस्ट्रेशन को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर किसी संगठन को बैन करना है तो पहले यह देखना होगा कि वह संगठन रजिस्टर्ड है या नहीं।उनका कहना था कि RSS रजिस्टर्ड नहीं है तो फिर वह अपनी गतिविधियां किस तरह संचालित कर रहा है। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि RSS को बैन करने की बात करना भी तकनीकी तौर पर आसान नहीं है।

मोहन भागवत की सुरक्षा पर उठाया सवाल

कर्नाटक के गृह मंत्री ने RSS प्रमुख मोहन भागवत की सुरक्षा को लेकर भी सवाल किया। उन्होंने कहा कि भागवत को मिलने वाली सुरक्षा में सरकारी संसाधनों और टैक्स के पैसे का इस्तेमाल होता है।प्रियांक खड़गे ने सवाल किया कि मोहन भागवत को सुरक्षा देने के लिए कौन से मानदंड तय किए गए हैं और इसमें कलबुर्गी के लोगों से मिलने वाले टैक्स का पैसा किस तरह इस्तेमाल हो रहा है।

RSS को लेकर फिर बढ़ा सियासी विवाद

प्रियांक खड़गे इससे पहले भी RSS को लेकर बयान देते रहे हैं। उनके ताजा बयान के बाद एक बार फिर RSS और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।उन्होंने RSS पर गंभीर आरोप लगाते हुए संगठन की विचारधारा और गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठाए। प्रियांक खड़गे ने यहां तक कहा कि उन्हें धमकियों से डर नहीं लगता और अगर उनके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई की बात कही जाती है तो वह उसका सामना करने के लिए तैयार हैं।उनके बयान ने एक बार फिर RSS की भूमिका, उसके संगठनात्मक ढांचे और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर बहस छेड़ दी है।