CG: सड़क से लेकर सदन तक... नेशनल हेराल्ड केस को लेकर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ विधानसभा के आखिरी दिन की कार्यवाही की शुरुआत नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर हंगामेदार रही। वहीं राजधानी रायपुर में भी नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर विधानसभा से लेकर सड़क तक विरोध जताया। रायपुर की सड़क पर पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, पूर्व विधायक अनिता शर्मा, विकास उपाध्याय समेत कांग्रेस और NSUI नेता और कार्यकर्ता निकल पड़े। पूर्व सीएम भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत और पीसीसी चीफ दीपक बैज भी प्रदर्शन में शामिल हो गए। कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा कार्यलय का घेराव करने निकले थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने सभी को रोक लिया।
भाजपा कार्यालय की ओर बढ़े कांग्रेसी, पुलिस से धक्कामुक्की
छत्तीसगढ़ की राजधानी में नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर कांग्रेस विरोध प्रदर्शन कर रही है। पंडरी में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता पहुंचे। कांग्रेस नेता नारेबाजी करते हुए भाजपा कार्यालय का घेराव करने के लिए बढ़े ही थे कि तभी कार्यकर्ताओं की पुलिस से धक्कामुक्की हो गई। कार्यकर्ता बैरिकेड्स को तोड़ते हए आगे बढ़े। भूपेश बघेल और कार्यकर्ताओं ने सत्यमेव जयते के नारे लगाए। रायपुर में कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। भारी पुलिस बल तैनात है और प्रदर्शनकारियों पर नजर रखी जा रही है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि नेशनल हेराल्ड मामले में राजनीतिक द्वेष के तहत कार्रवाई की जा रही है और लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग हो रहा है।
विधानसभा में शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन भी हंगामा
इधर, छत्तीसगढ़ विधानसभा के आखिरी दिन की कार्यवाही की के दौरान नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर विपक्ष ने हंगामा किया। सदन में हालात उस वक्त बिगड़ गए जब सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। विपक्ष की ओर से सत्यमेव जयते के नारे लगाए गए, जबकि सत्ता पक्ष ने वंदे मातरम के नारे लगाकर जवाब दिया। सदन शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने सत्यमेव जयते लिखी तख्तियां लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। स्पीकर ने तख्तियों के साथ सदन में बैठने की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद विपक्ष लगातार नारेबाजी करता रहा। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी हो गई। जहां, नेता प्रतिपक्ष भूपेश बघेल ने जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा। वहीं मंत्री अजय चंद्राकर ने इन आरोपों पर कड़ी आपत्ति जताई और विपक्ष के दावों को निराधार बताया। दरअसल, विपक्ष की ओर से जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग को लेकर स्थगन प्रस्ताव लाया गया है, लेकिन आसंदी ने इसे अस्वीकार कर दिया है।



