कलेक्ट्रेट में लोकायुक्त का छापा : ADM का बाबू 20 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथों ट्रैप, उज्ज्वला योजना में धांधली से जुड़ा मामला

Collectorate Lokayukta Raid : उज्जैन कलेक्ट्रेट के ADM कार्यालय में लोकायुक्त ने सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी रोहित गोठवाल को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा। मामला फर्जी उज्ज्वला गैस कनेक्शन की शिकायत से जुड़ा है।

कलेक्ट्रेट में लोकायुक्त का छापा : ADM का बाबू 20 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथों ट्रैप, उज्ज्वला योजना में धांधली से जुड़ा मामला

Collectorate Lokayukta Raid : उज्जैन। मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित एडीएम कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी रोहित गोठवाल को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया। आरोप है कि कर्मचारी ने एक शिकायत से जुड़ी फाइल पर कार्रवाई कराने और मामला निपटाने के बदले रिश्वत मांगी थी। लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में हलचल मच गई।

फर्जी उज्ज्वला गैस कनेक्शन की शिकायत से जुड़ा मामला

मामले की शुरुआत नागदा के बिरलाग्राम निवासी बृजेश विश्वकर्मा की शिकायत से हुई थी। उन्होंने 29 अक्टूबर 2026 को लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार दीक्षित से रिश्वत मांगे जाने की शिकायत की थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उनकी मां के व्यक्तिगत दस्तावेजों का कथित तौर पर दुरुपयोग कर किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का गैस कनेक्शन जारी किया गया था। उन्होंने इस मामले की शिकायत कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में की थी। इसके बाद जांच खाद्य विभाग को सौंपी गई और रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई के लिए फाइल एडीएम कार्यालय भेजी गई।

फाइल पर कार्रवाई के बदले मांगे 20 हजार रुपये

शिकायतकर्ता का आरोप है कि एडीएम कार्यालय में पदस्थ रोहित गोठवाल ने उनके पक्ष में कार्रवाई कराने और मामले का निपटारा करने के बदले 20 हजार रुपये मांगे थे। इसके बाद बृजेश विश्वकर्मा ने लोकायुक्त पुलिस से संपर्क किया। टीम ने शिकायत का गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि होने की बात सामने आई। इसके बाद 5 नवंबर 2026 को लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की।

रिश्वत की रकम लेते ही लोकायुक्त ने पकड़ा

लोकायुक्त के मुताबिक, जैसे ही शिकायतकर्ता ने कर्मचारी को 20 हजार रुपये दिए, पहले से मौजूद टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। यह कार्रवाई लोकायुक्त संगठन के महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देशन और डीआईजी मनोज कुमार सिंह के मार्गदर्शन में की गई। उज्जैन लोकायुक्त एसपी विनोद कुमार दीक्षित भी कार्रवाई की निगरानी कर रहे थे।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

कार्रवाई के बाद आरोपी कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। लोकायुक्त पुलिस ने आगे की वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में अब शिकायत से जुड़े दस्तावेजों और कथित फर्जी गैस कनेक्शन की जांच भी महत्वपूर्ण होगी।