दिग्विजय सिंह बोले- हिंदुत्व की तरफ जाने वालों के मन में भरी जाती है नफरत, BJP का पलटवार- आपको शर्म आनी चाहिए

Digvijaya Singh: गुना के राघौगढ़ में दिग्विजय सिंह ने कहा कि हिंदुत्व की तरफ जाने वालों के मन में नफरत भरी जाती है. विश्वास सारंग ने बयान पर पलटवार किया. जानिए पूरी बात.

दिग्विजय सिंह बोले- हिंदुत्व की तरफ जाने वालों के मन में भरी जाती है नफरत, BJP का पलटवार- आपको शर्म आनी चाहिए

Satya Sanatan Swabhiman Yatra: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने हिंदुत्व पर बयान देकर सियासत गरमा दी है. गुरुवार को गुना के राघौगढ़ में उन्होंने कहा कि हिन्दुत्व की तरफ जाने वालों के के दिल, दिमाग और जहन में नफरत भर दी जाती है. अगर लोगों के सामने सनातन धर्म का सही स्वरूप नहीं रखा गया तो वे इसे भूलकर हिंदुत्व की तरफ चले जाएंगे. इससे समाज में नफरत बढ़ेगी और घर-घर झगड़े होंगे.

दिग्विजय सिंह इन दिनों उज्जैन से अयोध्या तक करीब 1000 किलोमीटर की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा निकाल रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस यात्रा के दो मुख्य उद्देश्य हैं- लोकतंत्र को बचाना और सनातन धर्म को हिंदुत्व के रूप में पेश किए जाने का विरोध करना, उनके इस बयान पर मध्यप्रदेश के खेल मंत्री विश्वास सारंग ने पलटवार किया. सारंग ने यात्रा को सनातन धर्म को बदनाम करने वाली बताते हुए कहा कि ऐसे बयान देने पर दिग्विजय सिंह को शर्म आनी चाहिए.

'सनातन धर्म में नफरत शब्द नहीं है'

राघौगढ़ में सभा को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि सनातन धर्म का संदेश है- 'धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सद्भावना हो और विश्व का कल्याण हो।' उन्होंने कहा कि सनातन धर्म पूरी दुनिया को एक परिवार मानता है और धार्मिक आयोजन शांति पाठ के बिना पूरे नहीं होते.

दिग्विजय सिंह के मुताबिक, सनातन धर्म का वास्तविक स्वरूप लोगों के सामने नहीं रखा गया तो लोग इसकी मूल भावना को भूल जाएंगे. उन्होंने हिंदुत्व की राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि इससे लोगों के मन में नफरत पैदा होती है. अगर समाज में नफरत बढ़ी तो घर-घर में झगड़े होने लगेंगे.

80 साल की उम्र में 1000 किलोमीटर की यात्रा क्यों?

दिग्विजय सिंह ने अपनी यात्रा को लेकर कहा कि कई लोग उनसे पूछते हैं कि 80 साल की उम्र में वे इतनी लंबी यात्रा पर क्यों निकले हैं. उन्होंने कहा कि वे विधायक, सांसद, मंत्री और मुख्यमंत्री रह चुके हैं, लेकिन अब उन्हें देश के सामने लोकतंत्र और सनातन धर्म को लेकर दो बड़े संकट दिखाई दे रहे हैं.

उन्होंने आजादी और संविधान का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में लोकतंत्र जनता के वोट से कायम हुआ है. पहले तलवार और हथियारों के दम पर सत्ता हासिल की जाती थी, लेकिन अब जनता अपने मताधिकार से सरकार चुनती है. उन्होंने निष्पक्ष चुनाव आयोग को लोकतंत्र के लिए जरूरी बताया.

EVM पर उठाए सवाल, बैलेट पेपर से चुनाव की मांग

सभा में दिग्विजय सिंह ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी विधायकों और सांसदों को खरीदती है और नकली वोट डलवाती है. उनका कहना था कि मशीन में वोट कहां जा रहा है, इसका पता नहीं चलता.

उन्होंने सभा में मौजूद लोगों से बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराने के समर्थन में सहमति भी मांगी. दिग्विजय सिंह ने राहुल गांधी की वोट चोरी से जुड़ी मुहिम का जिक्र करते हुए कहा कि इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत है.

राम मंदिर के चंदे का हिसाब मांगकर उठाया पुराना मामला

दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे का हिसाब भी मांगा. उन्होंने दावा किया कि रामशिला पूजन के दौरान 1400 से 1700 करोड़ रुपए तक चंदा इकट्ठा होने की चर्चा थी, जबकि विश्व हिंदू परिषद ने 8.29 करोड़ रुपए का हिसाब बताया था.

उन्होंने अयोध्या के महंत बाबा लालदास का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भी चंदे का हिसाब मांगा था और विश्व हिंदू परिषद पर राशि में गड़बड़ी का आरोप लगाया था. दिग्विजय सिंह के मुताबिक, महंत लालदास ने लालकृष्ण आडवाणी की रथयात्रा का विरोध भी किया था. उन्होंने बताया कि सितंबर 1993 में महंत लालदास को गोली मार दी गई थी. दिग्विजय सिंह ने कहा कि सीबीआई जांच के बावजूद गोली चलाने वाले का पता नहीं चल पाया.

सनातन को बदनाम करने निकले हैं: सारंग 

दिग्विजय सिंह के बयान पर खेल मंत्री विश्वास सारंग ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यह यात्रा सनातन धर्म को बदनाम करने वाली है. सारंग ने आरोप लगाया कि सनातन विरोधियों का महिमामंडन करने वाले अब हिंदुत्व सिखाने निकले हैं. उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह हिंदुत्व को घृणा, विघटन और बिखराव पैदा करने वाला बता रहे हैं. सारंग ने उनके बयान की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे बयान देने पर उन्हें शर्म आनी चाहिए. दिग्विजय सिंह की यात्रा और उनके बयानों ने एक बार फिर मध्यप्रदेश में सनातन धर्म, हिंदुत्व और राजनीति को लेकर बहस तेज कर दी है. अब इस मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी और बढ़ने के आसार हैं.