भोपाल में रैपिडो ड्राइवर ने थाने में खाया जहर: मौत; 5.5 लाख की ठगी का आरोप
भोपाल के अशोका गार्डन थाने में रैपिडो ड्राइवर नरेंद्र सिंह राजपूत ने जहर खा लिया। ड्राइवर की हमीदिया अस्पताल में मौत हो गई। मौत से पहले नरेंद्र सिंह राजपूत ने 13 मिनट के वीडियो में 5.5 लाख की कथित ठगी का जिक्र किया।
भोपाल। अशोका गार्डन थाने में बुधवार रात एक रैपिडो ड्राइवर ने जहर खा लिया। गंभीर हालत में उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां गुरुवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान 40 वर्षीय नरेंद्र सिंह राजपूत के रूप में हुई है। वह मूल रूप से विदिशा का रहने वाला था और पिछले करीब 10 साल से भोपाल के सेमरा इलाके में पत्नी के साथ रह रहा था।
जहर खाने से पहले बनाया 13 मिनट का वीडियो
नरेंद्र ने जहर खाने से पहले करीब 13 मिनट का वीडियो बनाया था। इस वीडियो में उसने अपनी परेशानी और कथित ठगी की पूरी कहानी बताई। नरेंद्र ने एक व्यक्ति पुलक सक्सेना को अपनी आत्महत्या के लिए जिम्मेदार बताया है। वीडियो में उसने करीब 5.5 लाख रुपए की ठगी किए जाने का आरोप लगाया।
सरकारी अधिकारी बताकर मुद्रा लोन दिलाने का भरोसा
नरेंद्र के मुताबिक, पुलक सक्सेना से उसकी करीब छह साल पुरानी पहचान थी। आरोप है कि पुलक ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर नरेंद्र को 12 लाख 50 हजार रुपए का मुद्रा लोन दिलाने का भरोसा दिया था।
लोन की प्रक्रिया शुरू करने के नाम पर पहले नरेंद्र से करीब 10,500 रुपए लिए गए। इसके बाद अलग-अलग खर्चों का हवाला देकर करीब 25 हजार रुपए ऑनलाइन लिए गए।
कुछ समय बाद नरेंद्र को बताया गया कि उसका लोन स्वीकृत हो गया है। इसके बाद लोन की रकम जारी कराने के नाम पर उससे 2 लाख 85 हजार रुपए मांगे गए। नरेंद्र का कहना था कि उसे भरोसा दिलाया गया था कि यह रकम देने के बाद लोन की राशि उसके खाते में आ जाएगी।
अलग-अलग खर्च के नाम पर और पैसे लेने का आरोप
नरेंद्र के अनुसार, इसके बाद भी लोन की प्रक्रिया और अन्य खर्चों के नाम पर उससे करीब 2 लाख रुपए और लिए गए। इस तरह उसके मुताबिक कुल रकम करीब साढ़े पांच लाख रुपए हो गई।
नरेंद्र की पत्नी प्रतीक्षा ने बताया कि उनके पति रैपिडो चलाकर परिवार का खर्च उठाते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र इस मामले की शिकायत लेकर कई बार पुलिस के पास गए, लेकिन उनकी शिकायत पर सुनवाई नहीं हुई।
पत्नी बोली- शिकायत लेकर कई बार थाने गए
प्रतीक्षा के मुताबिक, उनके पति काफी समय से इस मामले को लेकर परेशान थे। उन्होंने बताया कि नरेंद्र ने करीब सात साल पहले प्रेम विवाह किया था। परिवार चलाने के लिए वह रैपिडो चलाते थे, लेकिन कथित ठगी के बाद उन पर आर्थिक दबाव बढ़ गया था।
पत्नी का आरोप है कि शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई नहीं होने से नरेंद्र मानसिक रूप से परेशान हो गए और आखिरकार उन्होंने यह कदम उठा लिया।

