राज्यमंत्री लखन पटेल से पशुपालन विभाग छीना, सीएम ने रखा अपने पास
राज्यमंत्री लखन पटेल से पशुपालन विभाग छीना, सीएम ने अपने पास रखा, अब सिर्फ आनंद विभाग के मंत्री रहेंगे
मध्य प्रदेश सरकार ने पशुपालन विभाग का प्रभार मंत्री लखन पटेल से वापस ले लिया है। देर रात जारी गजट अधिसूचना के अनुसार अब उनके पास सिर्फ आनंद विभाग रहेगा। सरकार की ओर से विभाग वापस लेने के पीछे फिलहाल कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है। यही वजह है कि राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। वहीं, मंत्री लखन पटेल ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर कहा कि विभाग देना और लेना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार हैं। मुझे नहीं पता कि मुझसे यह विभाग क्यों वापस लिया। मुख्यमंत्री ने पशुपालन विभाग अपने पास रखा है। साथ ही यह भी माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल या विभागों के प्रभार में कुछ और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

मुख्यमंत्री के पास अब 11 विभाग
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास सामान्य प्रशासन, गृह, जेल, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, जनसंपर्क, नर्मदा घाटी विकास, विमानन, खनिज साधन, लोक सेवा प्रबंधन, प्रवासी भारतीय, पशुपालन एवं डेयरी विभाग समेत वे सभी विभाग रहेंगे, जो किसी अन्य मंत्री को नहीं सौंपे गए हैं। इस तरह मुख्यमंत्री के पास अब 11 विभाग हो गए हैं।
सुबह सीएम हाउस बुलाकर फैसला
जानकारी के मुताबिक मंत्री लखन पटेल को 15 जुलाई की सुबह सीएम हाउस बुलाया गया। मुख्यमंत्री के साथ बैठक के दौरान उनसे पशुपालन विभाग का प्रभार वापस लेने को लेकर चर्चा हुई। हालांकि गजट नोटिफिकेशन 14 जुलाई को ही जारी हो गया था।
दो साल पहले नागर चौहान से छिना था वन विभाग
दो साल पहले मंत्री पद की शपथ लेने के 13 दिन बाद रामनिवास रावत को वन और पर्यावरण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उस दौरान ये विभाग मंत्री नागर सिंह चौहान के पास था। विभाग छिनने से वे नाराज भी हो गए थे। हालांकि विजयपुर उपचुनाव में रावत की हार के बाद एक बार फिर नागर सिंह चौहान ने वन मंत्री बनने की इच्छा जताई थी।

