मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: जगदीशपुर में होगी अगली बैठक, UCC मसौदे को मिलेगी मंजूरी
एमपी कैबिनेट बैठक: टेक होम राशन व्यवस्था में बदलाव, GST सुधारों को मंजूरी, 2031 तक बढ़ीं कई योजनाएं, 'दृष्टि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म' भी लॉन्च
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्री परिषद की बैठक वंदे मातरम के गान के साथ शुरू हुई। बैठक में आगामी विधानसभा सत्र की तैयारियों, पंचायतों में पारदर्शिता बढ़ाने, टेक होम राशन व्यवस्था में बदलाव, जीएसटी सुधार, सरकारी योजनाओं की अवधि बढ़ाने और युवाओं के लिए नई पहल सहित कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। साथ ही यह भी तय किया गया कि 18 जुलाई को भोपाल जिले के जगदीशपुर (पूर्व नाम इस्लाम नगर) में होने वाली अगली कैबिनेट बैठक में समान नागरिक संहिता (UCC) के मसौदे को मंजूरी दी जाएगी।

जगदीशपुर में होगी अगली कैबिनेट बैठक
21 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र से पहले 18 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में जगदीशपुर में कैबिनेट बैठक आयोजित होगी। इस बैठक में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मसौदे को मंजूरी मिलने की संभावना है। इसके बाद सरकार इसे विधानसभा में विधेयक के रूप में पेश करेगी। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को विधानसभा सत्र के लिए पूरी तैयारी रखने और प्रत्येक प्रश्न का तथ्यात्मक उत्तर देने के निर्देश दिए, ताकि सरकार की योजनाओं और कार्यों की सही जानकारी जनता तक पहुंच सके।
'दृष्टि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म' और पेमेंट गेटवे की शुरुआत
कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पंचायतों की ऑडिट प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 'दृष्टि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म' का शुभारंभ किया। इसके साथ ही पंचायत दर्पण पोर्टल पर पेमेंट गेटवे सुविधा भी शुरू की गई। सरकार का मानना है कि इससे पंचायतों के वित्तीय प्रबंधन और भुगतान प्रणाली में पारदर्शिता आएगी तथा ऑडिट प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान होगी।

टेक होम राशन व्यवस्था में बड़ा बदलाव
राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों में छह महीने से तीन वर्ष तक के बच्चों को मिलने वाले टेक होम राशन की व्यवस्था में बदलाव करने का निर्णय लिया है। अब इसकी पूरी जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग के पास होगी। पहले यह व्यवस्था राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के माध्यम से संचालित होती थी। नई व्यवस्था के तहत चयनित स्व-सहायता समूह राशन तैयार करेंगे और उसे निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार पैक कर आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाएंगे। वर्तमान में कार्यरत समूह भी अपना कार्य जारी रख सकेंगे।
2031 तक बढ़ाई गई कई योजनाओं की अवधि
कैबिनेट ने विभिन्न विभागों की कई महत्वपूर्ण योजनाओं को वर्ष 2031 तक जारी रखने का फैसला किया। इसमें सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसके अलावा वित्त विभाग की विभिन्न योजनाओं को भी अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का निर्णय लिया गया, जिससे विकास कार्यों की गति बनाए रखने में मदद मिलेगी।

जीएसटी सुधारों से कारोबारियों को मिलेगी राहत
बैठक में जीएसटी काउंसिल की सिफारिशों के अनुरूप राज्य में जीएसटी अपीलीय बोर्ड के गठन का निर्णय लिया गया। अब जीएसटी विवादों से संबंधित अपील इसी बोर्ड में की जा सकेगी। साथ ही इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से जुड़े दस्तावेजों और प्रक्रियाओं को सरल बनाने का फैसला भी लिया गया। सरकार का मानना है कि इससे कारोबारियों, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को राहत मिलेगी और उनकी नकदी प्रवाह (लिक्विडिटी) बेहतर होगी।

युवा वर्ष 2027 और पौधरोपण अभियान पर जोर
कैबिनेट ने 'युवा वर्ष 2027' की तैयारियां शुरू करने का भी निर्णय लिया। दिसंबर 2026 तक युवाओं और आम नागरिकों से सुझाव लिए जाएंगे, जिनके आधार पर वर्ष 2027 में युवाओं के हित में नई योजनाएं और नीतियां लागू की जाएंगी। इसके अलावा प्रदेशभर में मानसून के दौरान व्यापक पौधरोपण अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। इंदौर में 21 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि दो दिन पहले ही वहां एक लाख पौधे लगाए जा चुके हैं।
एमएसपी खरीदी के लिए गारंटी व्यवस्था जारी
कैबिनेट ने समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर होने वाली कृषि उपज की खरीदी के लिए बैंकों को दी जाने वाली सरकारी गारंटी की व्यवस्था को भी जारी रखने का फैसला किया। सरकार का कहना है कि इससे किसानों से समय पर खरीदी सुनिश्चित होगी और भुगतान व्यवस्था सुचारु बनी रहेगी।

सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाना, योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना, किसानों, महिलाओं, बच्चों और युवाओं के हितों को मजबूत करना तथा राज्य की विकास योजनाओं को गति देना है। आगामी विधानसभा सत्र में इनमें से कई निर्णयों को विधायी स्वरूप भी दिया जाएगा।
Varsha Shrivastava 
