रीवा सेंट्रल जेल में सनसनी: मुख्य प्रहरी ने लगाई फांसी, परिवार का मैनेजमेंट पर आरोप
रीवा केंद्रीय जेल में तैनात हेड वार्डन रामानंद पटेल ने ड्यूटी के बाद जेल की गौशाला में फांसी लगाकर सुसाइट कर लिया। 33 साल की सर्विस पूरी कर चुके रामानंद 2009 से यहां पदस्थ थे।
रीवा जिले से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां केंद्रीय जेल में पदस्थ मुख्य प्रहरी (Head Warden) रामानंद पटेल ने जेल कैम्पस की गौशाला में फांसी लगाकर सुसाइट कर लिया। 58 साल के रामानंद पटेल पिछले 33 सालों से सार्विस कर रहे थे।
जानकारी के मुताबिक, रामानंद पटेल गुरुवार सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक अपनी रूटीन ड्यूटी पर थे। ड्यूटी खत्म करने के बाद वो सवा 12 बजे अपने घर भी गए थे, लेकिन उसके कुछ ही देर बाद वो वापस जेल की गौशाला पहुंचे और वहां फंदे से लटक गए। जब दूसरी शिफ्ट का स्टाफ काम करने गौशाला पहुंचा, तब इस घटना का पता चला। आनन-फानन में उन्हें संजय गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत बता दिया।

पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप
इस मामले में अब विवाद खड़ा हो गया है। मृतक रामानंद की पत्नी ने जेल मैनेजमेंट पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके पति को मेंटली बहुत प्रताड़ित किया जा रहा था। घर वालों के मुताबिक उन्हें जानबूझकर लगातार गौशाला में ड्यूटी पर लगाया जा रहा था, जिसकी वजह से वे काफी प्रेशर में थे।
साफ सुथरा था करियर
जेल अधीक्षक एस.के. उपाध्याय ने बताया कि रामानंद साल 2009 से रीवा जेल में तैनात थे और उनका सर्विस रिकॉर्ड हमेशा से बहुत अच्छा रहा है। जेल प्रशासन का कहना है कि फिलहाल खुदकुशी की असली वजह साफ नहीं हो पाई है और मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस ने डेड बॉडी का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
Saba Rasool 
