UP में अवैध खनन पर सख्ती: CM योगी बनाएंगे स्पेशल टास्क फोर्स, ADG रेल राजा बाबू सिंह ने दी थी सलाह

UP में अवैध खनन रोकने के लिए बनेगी स्पेशल टास्क फोर्स, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए आदेश। MP के ADG रेल राजाबाबू सिंह ने CM को पत्र लिखकर की थी रेत और पत्थर खनन के ठेकों पर रोक लगाने की मांग। 

UP में अवैध खनन पर सख्ती: CM योगी बनाएंगे स्पेशल टास्क फोर्स,  ADG रेल राजा बाबू सिंह ने दी थी सलाह

उत्तर प्रदेश में अवैध खनन को लेकर सरकार अब और सख्त होने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में अवैध खनन रोकने के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर हाल ही में मध्य प्रदेश कैडर के वरिष्ठ IPS अधिकारी राजा बाबू सिंह ने सीएम को पत्र लिखा। ADG रेल राजा बाबू सिंह ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि 10 साल तक बालू और स्टोन क्वेरिंग पर रोक लगाई जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर अभी हम नहीं संभले तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी।

बांदा देश के सबसे गर्म जिलों में शामिल

इन दिनों बुंदेलखंड भीषण गर्मी की चपेट में है। बांदा जिले में हाल ही में तापमान 47 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। लगातार बढ़ती गर्मी ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राजा बाबू सिंह ने एक वीडियो संदेश भी जारी किया जिसमें उन्होंने बुंदेलखंड में बढ़ती भीषण गर्मी और पर्यावरणीय संकट के लिए अवैध खनन को जिम्मेदार बताया है। राजाबाबू सिंह ने कहा कि बांदा के पास केन और बेतवा जैसी बड़ी नदियां हैं, फिर भी जिला दुनिया के सबसे गर्म इलाकों में शामिल हो रहा है। उन्होंने इसे केवल मौसम नहीं बल्कि “पर्यावरणीय आपदा” बताया।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के गलत इस्तेमाल, पेड़ों की कटाई और अवैध खनन ने पूरे इलाके का पर्यावरण संतुलन बिगाड़ दिया है। पहाड़ों का कटान और नदियों से अत्यधिक बालू निकासी अब इलाके की जलवायु को प्रभावित कर रही है। बांदा, महोबा और हमीरपुर जिलों में अगले 10 सालों तक बालू और पत्थर खनन पर पूरी तरह रोक लगा दी जाए। उनका कहना है कि अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले सालों में बुंदेलखंड का बड़ा हिस्सा रहने लायक नहीं बचेगा। 

10 साल तक खनन पर रोक लगाने की मांग

मध्य प्रदेश कैडर के 1994 बैच के IPS अधिकारी राजाबाबू सिंह मूल रूप से बांदा के रहने वाले हैं। उन्होंने कहा कि बांदा, महोबा और हमीरपुर में माइनर मिनरल यानी बालू और स्टोन क्वेरिंग के ठेकों को अगले 10 सालों तक बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रकृति को खुद को दोबारा संतुलित करने का समय देना जरूरी है। जब तक नदियां, पहाड़ और जंगल अपनी स्थिति में वापस नहीं आते, तब तक खनन गतिविधियों पर रोक लगनी चाहिए। राजा बाबू सिंह ने कहा कि केन नदी में अवैध बालू खनन लगातार जारी है। वहीं, कई इलाकों में पहाड़ियों को डायनामाइट से उड़ाया जा रहा है। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है बल्कि भूजल स्तर भी तेजी से नीचे जा रहा है।

बुंदेलखंड हीट चैंबर बन रहा, पौधारोपण की अपील

वीडियो संदेश में IPS अधिकारी राजा बाबू सिंह ने कहा कि अवैध खनन की वजह से बुंदेलखंड का प्राकृतिक ढांचा तेजी से बदल रहा है। उन्होंने कहा कि पहाड़ खत्म होने और हरियाली कम होने से यह इलाका “हीट चैंबर” बनता जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इसी तरह प्राकृतिक संसाधनों का दोहन चलता रहा तो आने वाले समय में यहां पानी का संकट और गंभीर हो जाएगा।

राजा बाबू सिंह ने यह भी कहा कि यह मुद्दा केवल पर्यावरण का नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का है। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि अगर आज जिम्मेदार लोग नहीं जागे तो अगली पीढ़ी हमें कभी माफ नहीं करेगी। IPS अधिकारी ने केवल खनन रोकने की बात नहीं कही, बल्कि बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाने की भी अपील की है। उन्होंने बताया कि हाल ही में ग्वालियर के तिघरा स्थित पुलिस ट्रेनिंग स्कूल की बंजर जमीन पर जैव विविधता विकसित करने के लिए उन्हें राज्य स्तर का पुरस्कार मिला है। उन्होंने कहा कि जिस तरह वहां बंजर जमीन को हरा-भरा बनाया गया, उसी मॉडल को बुंदेलखंड में भी लागू किया जा सकता है।

राजा बाबू सिंह ने कहा कि पौधारोपण केवल फोटो खिंचवाने का कार्यक्रम नहीं होना चाहिए। स्थानीय और विलुप्त हो चुकी प्रजातियों के पौधे लगाने होंगे, तभी पर्यावरण संतुलन वापस आएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में उन्होंने बांदा के डीएम और वन विभाग के अधिकारियों से बातचीत की है।

ADG रेल राजा बाबू सिंह की सलाह पर सीएम योगी का एक्शन

इधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अवैध खनन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अवैध खनन रोकने के लिए विशेष टास्क फोर्स बनाई जाए। सरकार का मानना है कि अवैध खनन से न केवल सरकारी राजस्व का नुकसान होता है बल्कि पर्यावरण और स्थानीय संसाधनों को भी भारी क्षति पहुंचती है। यूपी सरकार पहले भी कई जिलों में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। अब स्पेशल टास्क फोर्स बनने के बाद निगरानी और सख्त होने की उम्मीद है।