मेलबर्न में पीएम मोदी बोले- भारत और ऑस्ट्रेलिया की मजबूत साझेदारी दुनिया की जरूरत

मेलबर्न में भारत-ऑस्ट्रेलिया CEO फोरम को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों की मजबूत साझेदारी, क्लीन एनर्जी, निवेश और व्यापार बढ़ाने पर जोर दिया। ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने मोदी के साथ सेल्फी भी ली।

मेलबर्न में पीएम मोदी बोले- भारत और ऑस्ट्रेलिया की मजबूत साझेदारी दुनिया की जरूरत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आयोजित भारत-ऑस्ट्रेलिया CEO फोरम और इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस रिसेप्शन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत और ऑस्ट्रेलिया का भरोसेमंद साझेदार के रूप में साथ आगे बढ़ना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की मजबूत साझेदारी न केवल दोनों अर्थव्यवस्थाओं को फायदा पहुंचा रही है, बल्कि दुनिया के लिए भी स्थिरता का संदेश दे रही है।

कार्यक्रम के बाद ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ सेल्फी भी ली, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनीं। प्रधानमंत्री मोदी 6 से 11 जुलाई तक तीन देशों की यात्रा पर हैं। अपने ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान वह मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में करीब 40 हजार भारतीय मूल के लोगों को भी संबोधित करेंगे। इसके अलावा उनकी प्रधानमंत्री अल्बनीज के साथ द्विपक्षीय बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें व्यापक व्यापार समझौते (Comprehensive Trade Agreement) सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

वैश्विक संकट में साझेदारी की जरूरत

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया इस समय अनिश्चितता, सप्लाई चेन में रुकावट और ऊर्जा संकट जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे भरोसेमंद देशों का साथ मिलकर आगे बढ़ना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के सहयोग से नए बाजारों तक पहुंच आसान हुई है और आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं।

क्लीन एनर्जी और न्यूक्लियर सेक्टर पर फोकस

पीएम मोदी ने कहा कि भारत वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता और वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने के लक्ष्य पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में ऑस्ट्रेलिया की तकनीक और यूरेनियम संसाधन भारत के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

निवेश के बड़े अवसर

प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि पोर्ट, एयरपोर्ट, सड़क, रेलवे, इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं।

राज्यों और उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने का सुझाव

पीएम मोदी ने दोनों देशों के राज्यों, छोटे शहरों, विश्वविद्यालयों और उद्योगों के बीच सीधे सहयोग बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि स्टेट-टू-स्टेट और सेक्टर-टू-सेक्टर साझेदारी से दोनों देशों के संबंध और मजबूत होंगे।

व्यापार को नई ऊंचाई देने की प्रतिबद्धता

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौते (ECTA) के लागू होने के बाद ऑस्ट्रेलिया को भारत का निर्यात लगभग दोगुना हो गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देश व्यापक व्यापार समझौते और आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

प्रधानमंत्री मोदी 11 जुलाई को अपने तीन देशों के दौरे के अगले चरण में न्यूजीलैंड रवाना होंगे।