उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बसामन मामा गौवंश वन्य विहार के विकास कार्यों की समीक्षा की
एक्शन प्लान बनाने और समिति गठित करने के दिए निर्देश: मुख्य मार्ग से गौवंश वन्य विहार तक बनेगी पीपल की छांव, पीपल के पौधों का होगा वृक्षारोपण
भोपाल, 6 जुलाई 2026। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बसामन मामा गौवंश वन्य विहार, पुर्वा के प्रशासनिक भवन में आयोजित बैठक में विहार के अधोसंरचना विकास, प्रबंधन, संचालन और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने संबंधी कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करने और व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए एक समिति गठित करने के निर्देश दिए।
बैठक में पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी, अन्य पिछड़ा वर्ग के जिला अध्यक्ष राजेश यादव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहताब सिंह गुर्जर, एसडीएम दृष्टि जायसवाल, एसडीओ फॉरेस्ट हितेश खंडेलवाल, डॉ. राजेश मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
प्राकृतिक खेती प्रधानमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल
बैठक में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती प्रधानमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने निर्देश दिए कि वन्य विहार में प्राकृतिक खेती को और अधिक बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए और इसकी निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। परिसर में उत्पादित प्राकृतिक सब्जियां, मूंग, चावल, गेहूं सहित अन्य उत्पादों की ब्रांडिंग सहित प्रभावी मार्केटिंग करने के निर्देश भी दिए। साथ ही उत्पादन बढ़ाने के लिए नियमानुसार प्रोडक्शन मैनेजर सहित आवश्यक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने को कहा।
उपमुख्यमंत्री ने वन्य विहार के सुचारु संचालन के लिए शासकीय और अशासकीय सदस्यों की संयुक्त समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने समिति की बैठक प्रत्येक माह अनिवार्य रूप से आयोजित करने पर भी जोर दिया। निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने टीन शेड, पेवर ब्लॉक सहित सभी अधोसंरचनात्मक कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्य मार्ग से वन्य विहार तक बनेगी पीपल की हरित छांव
गौ संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चलने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्य मार्ग के मोड़ से लेकर बसामन मामा गौवंश वन्य विहार तक पूरे मार्ग पर पीपल के पौधे लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि पीपल का वृक्ष अधिक ऑक्सीजन प्रदान करने और घनी छाया के लिए जाना जाता है, जिससे भविष्य में यह मार्ग हरित एवं पर्यावरण अनुकूल बनेगा। उन्होंने कहा कि गौवंश की सेवा और पर्यावरण संरक्षण भारतीय संस्कृति के मूल आधार हैं और बसामन मामा गौवंश वन्य विहार को एक आदर्श, स्वच्छ और हरित परिसर के रूप में विकसित किया जा रहा है।
गौवंश शेड का निरीक्षण, स्वच्छता पर दिया विशेष जोर
वन्य विहार के भ्रमण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने परिसर में प्राकृतिक तरीके से उगाई गई सब्जियों का अवलोकन किया। उन्होंने लौकी और तरोई सहित अन्य फसलों की गुणवत्ता की सराहना करते हुए कहा कि बिना रासायनिक खाद के तैयार होने वाली ये सब्जियां स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी हैं।
उपमुख्यमंत्री ने गौवंश शेडों का निरीक्षण कर गौवंश के रखरखाव, चारा और पेयजल की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे परिसर में स्वच्छता, सफाई और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि गौवंश को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध हो सके।
पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
भ्रमण के दौरान उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने परिसर में आम का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रकृति संरक्षण और जीव संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं और सभी नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय योगदान देना चाहिए।
Varsha Shrivastava 
