MD ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़: 4 आरोपी अरेस्ट, 1.28 करोड़ का माल जब्त
मऊगंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई: करोड़ों की MD ड्रग फैक्ट्री का पर्दाफाश, रीवा-मुंबई सप्लाई चेन पर पुलिस का शिकंजा, 1.28 करोड़ रुपये का सामान जब्त, अवैध ड्रग नेटवर्क का खुलासा
मऊगंज से राजेंद्र प्रसाद की रिपोर्ट।
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार-2 के तहत मऊगंज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने शाहपुर थाना क्षेत्र में गुप्त रूप से चल रही एमडी ड्रग निर्माण फैक्ट्री पर दबिश देकर 4 तस्करों को गिरफ्तार किया। मौके से लगभग 1.28 करोड़ रुपए का मशरूका जब्त किया गया है।
पुलिस की एमडी ड्रग फैक्ट्री पर दबिश
यह कार्रवाई आईजी रीवा जोन गौरव राजपूत के निर्देशन, डीआईजी रीवा रेंज हेमंत चौहान के मार्गदर्शन और एसपी मऊगंज सुरेंद्र कुमार जैन के नेतृत्व में की गई। छापे का पर्यवेक्षण एएसपी शशिकांत सरयाम और एसडीओपी मऊगंज सचि पाठक ने किया।

मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर थाना प्रभारी शाहपुर उप निरीक्षक ऋषि द्विवेदी और उप निरीक्षक मृगेन्द्र सिंह के नेतृत्व में शाहपुर थाना और खटखरी चौकी की संयुक्त टीम ने फैक्ट्री पर छापा मारा। दबिश के दौरान एसपी सुरेंद्र कुमार जैन स्वयं मौके पर पहुंचकर कार्यवाही की निगरानी करते रहे।
1.28 करोड़ रुपए का मशरूका जब्त
पुलिस ने फैक्ट्री से 360 ग्राम संदिग्ध एमडी यानी सिंथेटिक ड्रग बरामद की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 1 करोड़ बताई जा रही है। इसके अलावा ड्रग बनाने में इस्तेमाल होने वाले 300 लीटर से अधिक रासायनिक पदार्थ, ओवन मशीन, जनरेटर, वैक्यूम पंप, हीटर, मोटर कंट्रोलर, तापमान मापक यंत्र और विभिन्न आकार के कांच के फ्लास्क भी मिले।

इन उपकरणों और कच्चे माल की कीमत करीब 15 लाख रुपए है। पुलिस ने एक महिंद्रा नियो बोलेरो वाहन क्रमांक एमपी 17 जेडव्ही 8184 भी जब्त की है जिसकी कीमत लगभग 13 लाख रुपए है। इस प्रकार कुल 1.28 करोड़ रुपए का माल जब्त किया गया।
4 आरोपी गिरफ्तार, NDPS एक्ट में केस दर्ज
पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें चंदन सिंह पिता राकेश सिंह 26 वर्ष निवासी सोनवर्षा थाना गढ़ रीवा, अशोक गुप्ता पिता मिथिलेश गुप्ता 40 वर्ष निवासी वार्ड 12 लालगांव थाना गढ़ रीवा, पीकचंद्र यादव पिता रोशनलाल यादव 21 वर्ष निवासी सोनवर्षा थाना गढ़ रीवा और ऋषभ सेन पिता रामनारायण सेन 18 वर्ष निवासी शुकुलगवां थाना गोविंदगढ़ रीवा शामिल हैं।

बता दें, कि अवैध कारोबार का मुख्य आरोपी चंदन सिंह जो मुंबई स्थिति बदलापुर में केमिकल फैक्ट्री में काम करता था, जहां से वह मेडिकल नशा बनाने का हुनर सीखा था। बताया यह भी गया है कि वहां छापा पड़ा था तब मुंबई से भाग कर मऊगंज जिले में एक किराया का कमरा लेकर कारोबार को बढ़ाया। मऊगंज में बीते मार्च माह में किराया का कमरा लेकर मकान मालिक को यह जानकारी दिया था कि पाइपों को जोड़ने का लिक्विड बनाया जाएगा इस तरह मुख्य सरगना चार माह से अवैध कारोबार में संलिप्त था।

आरोपियों के खिलाफ शाहपुर थाने में नारकोटिक ड्रग्स एवं साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट की धारा 8/22 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर एमडी की सप्लाई चेन, सोर्स और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों का पता लगा रही है। एमडी को एक्स्टेसी या मॉली भी कहा जाता है। यह सिंथेटिक नशा मस्तिष्क को सीधे प्रभावित करता है। इसके सेवन से तेज धड़कन, उच्च रक्तचाप, डिहाइड्रेशन, दौरे और मौत तक हो सकती है।
डीजीपी कैलाश मकवाना और आईजी गौरव राजपूत ने इस सफल कार्रवाई पर प्रसन्नता जताते हुए शाहपुर थाना टीम को विशेष पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है। पुलिस ने कहा कि जिले में नशे के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।
Varsha Shrivastava 
