IISER भोपाल में अत्रि कैंपस का शिलान्यास : सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- शोध और नवाचार को बढ़ावा दे रही सरकार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने IISER भोपाल में ATRI परिसर का शिलान्यास किया। 485 करोड़ की लागत से नया परिसर, आधुनिक लैब और इनोवेशन पार्क विकसित होंगे।

IISER भोपाल में अत्रि कैंपस का शिलान्यास : सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- शोध और नवाचार को बढ़ावा दे रही सरकार

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार भी शोध, विज्ञान और नवाचार से जुड़े प्रयासों को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। आधुनिक समय में देश की प्रगति के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान और नई तकनीक बेहद महत्वपूर्ण हैं।  यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को भोपाल के भौरी ग्राम में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) के एडवांस्ड टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च इनोवेशन (अत्रि) परिसर के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही है। 

इस अवसर पर उन्होंने संस्थान परिसर में स्वामी विवेकानंद की नवनिर्मित प्रतिमा का अनावरण भी किया। नए परिसर को रिसर्च, इनोवेशन, शिक्षा और तकनीकी विकास से जोड़ने की योजना है।

अत्रि परिसर में आधुनिक क्षेत्रों पर फोकस

नए परिसर में क्वांटम साइंस, एडवांस्ड मटेरियल्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में काम की संभावनाएं बताई गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी संस्थान को समय के साथ निरंतर प्रगति और विस्तार करते देखना सुखद अनुभव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नए भारत के परिवर्तनकारी दौर में यह कदम महत्वपूर्ण है।

समारोह में मुख्यमंत्री का संबोधन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में IISER भोपाल में ‘अत्रि’ परिसर का शिलान्यास एवं स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण समारोह आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि इसी गौरवशाली परंपरा को आधुनिक तकनीक और नवाचार से जोड़ते हुए आज भोपाल में IISER के अत्रि परिसर का शिलान्यास एक महत्वपूर्ण कदम है। यह मध्यप्रदेश को तकनीक, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में आगे बढ़ाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में वैज्ञानिक शोध और शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए सात IISER संस्थान संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने इन संस्थानों की तुलना भारतीय परंपरा के सप्त ऋषियों से करते हुए कहा कि ये संस्थान नए ज्ञान और अनुसंधान की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

डॉ. मोहन यादव ने बताया कि IISER भोपाल में करीब 485 करोड़ रुपये की लागत से नया परिसर, आधुनिक प्रयोगशालाएं और इनोवेशन पार्क विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं से विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को आधुनिक संसाधन मिलेंगे और नए अनुसंधान को गति मिलेगी।

परिसर से शिक्षा और शोध को मिलेगा बढ़ावा

अत्रि परिसर को रिसर्च और इनोवेशन का केंद्र बनाने की योजना है। यहां उन्नत तकनीक और आधुनिक शिक्षा के माध्यम से छात्रों और शोधकर्ताओं को नए अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने संस्थान की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि यह विस्तार मध्यप्रदेश के शैक्षणिक और तकनीकी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।