शोभा ओझा ने उठाए 7 बड़े सवाल, भ्रष्टाचार के मामलों की जांच और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग
इंदौर में शोभा ओझा का सरकार पर हमला, भ्रष्टाचार और किसानों-छात्रों की अनदेखी के लगाए आरोप
इंदौर। कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री एवं पूर्व राष्ट्रीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष शोभा ओझा ने प्रेस वार्ता में मध्यप्रदेश और केंद्र सरकार पर भ्रष्टाचार, किसानों, युवाओं और छात्रों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में छात्र और युवा निराशा के कारण आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं, जबकि किसान बिजली, खाद और कर्ज की समस्या से जूझ रहे हैं। खाद की कालाबाजारी हो रही है और विरोध करने वाले किसानों पर कार्रवाई की जाती है।
मंदसौर गोलीकांड- किसानों को न्याय नहीं मिला
शोभा ओझा ने मंदसौर गोलीकांड का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों को न्याय नहीं मिला। ओझा ने व्यापम, भर्ती, नर्सिंग, महाकाल लोक और इंदौर के कथित घोटालों का जिक्र करते हुए कहा कि कई मामलों में भ्रष्टाचार के आरोप लगे, लेकिन किसी को सजा नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की "वॉशिंग मशीन" में शामिल होने वालों को क्लीन चिट मिल जाती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संभागीय स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जनता तक इन मुद्दों को पहुंचा रही है और छात्रों की समस्याओं को लेकर अभियान चलाएगी।
राम मंदिर चंदा घोटाले में जांच की मांग उठाई
राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा घोटाले का भी उल्लेख करते हुए शोभा ओझा ने भाजपा और उससे जुड़े संगठनों पर आरोप लगाए और कहा कि इन मामलों में जांच एजेंसियां कार्रवाई नहीं कर रहीं, जबकि विपक्ष के नेताओं पर कार्रवाई होती है। शोभा ओझा ने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस प्रदेश और केंद्र सरकार से 7 प्रमुख सवालों के जवाब चाहती है। उन्होंने रीवा के विधायक के बयान का समर्थन किया और खजराना अस्पताल से जुड़े कथित घोटाले को भी बड़ा मामला बताया। प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार, किसानों और छात्रों के मुद्दों को लेकर प्रदेशभर में आंदोलन जारी रखेगी।
Varsha Shrivastava 
