शिवपुरी को मिलेगी 2500 करोड़ की डिफेंस फैक्ट्री
शिवपुरी को मिलेगी 2500 करोड़ की डिफेंस फैक्ट्री CM मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री सिंधिया करेंगे भूमिपूजन अदाणी समूह के डायरेक्टर करण और जीत रहेंगे मौजूद
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में 5 जुलाई को अदाणी समूह की 2500 करोड़ रुपए की डिफेंस फैक्ट्री का भूमि पूजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पाली गांव के पास नेशनल हाईवे-27 पर इस फैक्ट्री की आधारशिला रखेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, अदाणी समूह के निदेशक करण अदाणी और जीत अदाणी, प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर सहित जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे। डिफेंस फैक्ट्री कोलारस क्षेत्र में एनएच-27 के किनारे प्रस्तावित है। यह हाईवे पश्चिम में गुजरात के पोरबंदर तक जाता है और उत्तर भारत से भी बेहतर संपर्क प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, यह क्षेत्र राजस्थान की सीमा से भी सड़क मार्ग से कम समय में जुड़ जाता है।
औद्योगिक और लॉजिस्टिक दृष्टि से महत्वपूर्ण
फैक्ट्री स्थल के पास रेलवे लाइन की उपलब्धता इसे औद्योगिक और लॉजिस्टिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाती है। सड़क और रेल दोनों माध्यमों से कनेक्टिविटी भविष्य में रक्षा उत्पादों और औद्योगिक सामग्री के परिवहन को आसान बनाएगी।करीब 2500 करोड़ रुपए के इस निवेश से जिले में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। प्रशासन के अनुसार, इस परियोजना से हजारों लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। स्थानीय व्यापार, परिवहन, निर्माण कार्य, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य छोटे व्यवसायों को भी इसका लाभ मिलने की संभावना है।
गोला-बारूद, ड्रोन जैसे उपकरण बनाती है कंपनी
अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस पहले से रक्षा क्षेत्र में सक्रिय है। कंपनी छोटे हथियार, गोला-बारूद, ड्रोन, काउंटर-ड्रोन सिस्टम, सुरक्षा उपकरण और आधुनिक रक्षा तकनीक से जुड़े उत्पाद बनाती है। माना जा रहा है कि शिवपुरी की यूनिट भी देश की रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पाली गांव के पास बनने वाली यह यूनिट शिवपुरी का अब तक का सबसे बड़ा औद्योगिक निवेश मानी जा रही है। हालांकि कंपनी ने अभी यह सार्वजनिक नहीं किया है कि यहां कौन-कौन से रक्षा उत्पाद बनाए जाएंगे। सुरक्षा कारणों से ऐसी जानकारी साझा नहीं की जाती। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले का पाली गांव अब तक खेती के लिए जाना जाता था। यहां टमाटर, गेहूं और चने की फसलें होती हैं। लेकिन कुछ महीनों बाद यही इलाका डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के कारण नई पहचान बनाएगा।

