केरलम के वायनाड में लैंडस्लाइड: 2 की मौत, कई दबे
केरलम के वायनाड में लैंडस्लाइड, दो की मौत, कई दबे टनल कंस्ट्रक्शन का मलबा सड़क पर आया 2024 में यहां 400 मौतें हुई थीं
केरलम के वायनाड में 7 जुलाई की दोपहर तेज बारिश के चलते लैंडस्लाइड हुआ। हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई, 8 लोग घायल हुए हैं। कई लोगों के फंसे होने की सूचना है। हादसा कल्लाडी स्थित मीनाक्षी ब्रिज के पास हुआ। यहां मलप्पुरम-वायनाड टनल प्रोजेक्ट के कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है। टनल से मिट्टी निकालकर बाहर जमा की गई थी। बारिश के चलते मिट्टी खिसक गई, जिससे पेड़ उखड़ गए और बैरिकेड भी बह गए।
पुलिस, NDRF की टीम रेस्क्यू कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मलबा हटाने के लिए भारी मशीनों की जरूरत होगी। अधिकारियों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण सोमवार से ही सुरंग कंस्ट्रक्शन का काम रोक दिया गया था। दो साल पहले भी वायनाड में एक के बाद एक तीन भूस्खलन हुए थे, जिसमें 400 से ज्यादा जानें चली गई थीं।
Prayers for Engineers and Workers of Konkan Railway and Dilip Buildcon Ltd involved in construction of 8.27 KM Wayanad Road Tunnel Project
— InfraStory (@marinebharat) July 7, 2026
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वायनाड में लैंडस्लाइड की क्या वजह है
वायनाड, केरल के नॉर्थ-ईस्ट में है। यह केरल का एकमात्र पठारी इलाका है। यानी मिट्टी, पत्थर और उसके ऊपर उगे पेड़-पौधों के ऊंचे-नीचे टीलों वाला इलाका। जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक, केरल का 43% इलाका लैंडस्लाइड प्रभावित है। वायनाड की 51% जमीन पर पहाड़ी ढलाने हैं। यानी लैंडस्लाइड की संभावना बहुत ज्यादा बनी रहती है।
वायनाड का पठार वेस्टर्न घाट में 700 से 2100 मीटर की ऊंचाई पर है। मानसून की अरब सागर वाली ब्रांच देश के वेस्टर्न घाट से टकराकर ऊपर उठती है, इसलिए इस इलाके में मानसून सीजन में बहुत ज्यादा बारिश होती है। वायनाड में काबिनी नदी है। इसकी सहायक नदी मनंतावडी 'थोंडारमुडी' चोटी से निकलती है। लैंडस्लाइड के कारण इसी नदी में बाढ़ आने से भारी नुकसान हुआ है।

