भारत-अफगानिस्तान के बीच कृषि सहयोग होगा मजबूत, रिसर्च, बीज और सिंचाई तकनीक पर साथ मिलकर करेंगे काम
भारत और अफगानिस्तान के कृषि मंत्रियों की बैठक में कृषि अनुसंधान, कृषि शिक्षा, उन्नत बीज, सिंचाई तकनीक और ड्राईलैंड एग्रीकल्चर पर सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
भारत और अफगानिस्तान के बीच कृषि क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम पहल हुई है. अफगानिस्तान के कृषि मंत्री और उनके प्रतिनिधिमंडल ने भारत के साथ कृषि अनुसंधान, कृषि शिक्षा, आधुनिक खेती और तकनीकी सहयोग को लेकर विस्तृत चर्चा की. दोनों देशों ने कृषि से जुड़े कई क्षेत्रों में मिलकर काम करने पर सहमति जताई.
बैठक के दौरान बताया गया कि भारत और अफगानिस्तान के संबंध बेहद पुराने और ऐतिहासिक हैं. इसी मजबूत रिश्ते को आगे बढ़ाते हुए दोनों देशों ने कृषि क्षेत्र में साझेदारी को नई दिशा देने पर जोर दिया.
रिसर्च और कृषि शिक्षा पर रहेगा फोकस
अफगानिस्तान ने भारत के कृषि अनुसंधान संस्थानों, विशेषकर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), के अनुभवों और विशेषज्ञता में रुचि दिखाई. अफगानिस्तान चाहता है कि दोनों देशों के कृषि अनुसंधान संस्थानों और विश्वविद्यालयों के बीच ज्ञान, तकनीक और अनुभव का आदान-प्रदान हो.
बैठक में कृषि शिक्षा, क्षमता निर्माण (कैपेसिटी बिल्डिंग), उन्नत बीजों के विकास, नई कृषि तकनीकों और आधुनिक खेती की पद्धतियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई.
सिंचाई और जल प्रबंधन में सहयोग
दोनों पक्षों ने सिंचाई तकनीकों और जल संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की. भारत ने कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली तकनीकों और आधुनिक सिंचाई प्रणालियों के अपने अनुभव साझा करने की इच्छा जताई.
ड्राईलैंड एग्रीकल्चर पर विशेष चर्चा
बैठक में शुष्क क्षेत्रों में खेती (ड्राईलैंड एग्रीकल्चर) को लेकर भी विशेष चर्चा हुई. अफगानिस्तान में पानी की कमी को देखते हुए भारत की ड्राईलैंड खेती, जल संरक्षण और कम पानी में बेहतर उत्पादन की तकनीकों को अपनाने पर विचार किया गया. दोनों देशों ने इस क्षेत्र में संयुक्त रूप से काम करने और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई.
कई क्षेत्रों में मिलकर करेंगे काम
बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने कृषि और उससे जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई. विशेषज्ञों के आदान-प्रदान, अनुसंधान, प्रशिक्षण, कृषि नवाचार और आधुनिक तकनीकों के उपयोग जैसे विषयों पर भविष्य में संयुक्त पहल की जाएगी.

