इंदौर MGM मेडिकल कॉलेज में 43 लाख के मेंटेनेंस घोटाले का खुलासा, बंद मशीनों पर भी हो रहा था भुगतान
एक मशीन, दो एजेंसियां और डबल भुगतान: 43 लाख रुपये की गड़बड़ी के बाद इंदौर के MGM मेडिकल कॉलेज में उपकरण मेंटेनेंस पर उठे गंभीर सवाल,
इंदौर के Mahatma Gandhi Memorial Medical College और उससे जुड़े अस्पतालों में चिकित्सा उपकरणों के रखरखाव (मेंटेनेंस) के नाम पर कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कई ऐसी मशीनों के मेंटेनेंस के लिए भी भुगतान किया जाता रहा, जो लंबे समय से बंद पड़ी थीं। जांच अधिकारियों के अनुसार, साल 2021 से 2025 के बीच हुए भुगतान में गंभीर गड़बड़ियों की आशंका जताई गई है।

मामले का खुलासा होने के बाद कॉलेज प्रबंधन ने जांच शुरू कराई, जिसमें पता चला कि 40 से अधिक बंद मशीनों के रखरखाव के नाम पर लगातार भुगतान किया जा रहा था। इसके अलावा कुछ उपकरणों के मेंटेनेंस का काम एक ही समय में दो अलग-अलग एजेंसियों को दिए जाने और दोनों को भुगतान किए जाने की बात भी सामने आई है। इससे भुगतान प्रक्रिया और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

MGM मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि प्रथम दृष्टया करीब 43 लाख रुपये के अतिरिक्त और संदिग्ध भुगतान का मामला सामने आया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कॉलेज प्रशासन ने तत्काल कदम उठाते हुए संबंधित कंपनी के पिछले छह महीनों के मेंटेनेंस भुगतान पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही पहले किए गए भुगतानों की समीक्षा कर नियमानुसार कटौती की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

मामले में लापरवाही और संभावित मिलीभगत के आरोप में एक बायोमेडिकल इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं एमवाय अस्पताल, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, एमआरटीबी, एमटीएच और कैंसर अस्पताल के अधीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

पूरे प्रकरण की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है, जो भुगतान रिकॉर्ड, अनुबंध प्रक्रिया और उपकरणों की वास्तविक स्थिति की जांच करेगी। कॉलेज प्रबंधन ने कंपनी की संभावित भूमिका को देखते हुए राज्य शासन को भी पत्र भेजा है। जांच पूरी होने के बाद दोषी एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने सहित अन्य कठोर कार्रवाई की जा सकती है।
Varsha Shrivastava 
