वंदे मातरम विवाद: रुबीना खान का पार्टी से बाहर होना तय, फौजिया शेख के खिलाफ FIR की मांग

इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्षद रुबीना इकबाल खान को पार्टी से निष्कासित करने के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी को प्रस्ताव भेजा। पार्षद फौजिया शेख अलीम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की मांग उठी।

वंदे मातरम विवाद: रुबीना खान का पार्टी से बाहर होना तय, फौजिया शेख के खिलाफ FIR की मांग

इंदौर नगर निगम के बजट सत्र में कांग्रेस की दो मुस्लिम महिला पार्षदों द्वारा वंदे मातरम ना बोलने पर हुए विवाद के बाद पार्टी लाइन के खिलाफ दिए गए बयान दिए जाने के खिलाफ इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्षद रुबीना इकबाल खान को पार्टी से निष्कासित करने के लिए पत्र लिखा है, साथ ही पार्षद फौजिया शेख पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी सोशल मीडिया पर शहर अध्यक्ष के बयान के खिलाफ बयान बाजी कर रहे हैं।

इधर, शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने साफ कर दिया है कि अब शहर में कांग्रेस की हर बैठक की शुरुआत वंदे मातरम से होगी और समापन जन गण मन के साथ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन्हें वंदे मातरम गाने में आपत्ति है, वे कांग्रेस की मीटिंग में न आएं।

निगम अध्यक्ष ने संभागायुक्त को पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई की मांग की

इंदौर नगर निगम में वंदे मातरम विवाद पर मामला तूल पकड़ता जा रहा है। निगम अध्यक्ष मुन्नालाल यादव ने संभागायुक्त को पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई की मांग की। यादव ने कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम पर राष्ट्रगीत वंदे मातरम का अपमान करने का आरोप लगाया। बजट सत्र के दौरान वंदे मातरम गाने से इनकार किए जाने पर निगम सदन में हंगामा हुआ था।

अध्यक्ष ने पत्र में लिखा—इस व्यवहार से देशभक्ति की भावना आहत हुई है। मुन्नालाल यादव ने संबंधित पार्षद पर FIR दर्ज करने और पद से हटाने की मांग की। उन्होंने कलेक्टर व पुलिस कमिश्नर को भी प्रतिलिपि भेजकर सख्त कार्रवाई की अपेक्षा जताई।

पहले जानें पूरा मामला क्या है?

दरअसल, इंदौर नगर निगम के बजट सत्र के दौरान वंदे मातरम गान के दौरान हमेशा लेट पहुंचने के मामले में हुए विवाद और सदन में वंदे मातरम के नारे लगाए जाने के बाद पार्षद फौजिया शेख ने वंदे मातरम गीत को मुस्लिम धर्म में प्रतिबंधित बताया था और राष्ट्र गीत का अपमान किया था। जिसके बाद पार्षद फौजिया शेख को निगम सभापति मुन्नलाल यादव ने एक दिन की कार्रवाई से बाहर कर दिया था।

इसी बीच एक अन्य मुस्लिम कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान ने सदन में कहा था कि किसी के बाप दम नहीं कि हमसे वंदे मातरम कहलवा ले। हालांकि, फौजिया शेख सदन से बाहर हो गईं हैं, लेकिन रुबीना इकबाल खान ने सदन की कार्रवाई भोजन अवकाश के रुकने के दौरान मीडिया से चर्चा में पार्टी लाइन से हटकर कई बयान दे दिए। उन्होंने अपने बयान में कहा कि भाड़ में जाए कांग्रेस, कांग्रेस हमसे है हम कांग्रेस से नहीं है। कांग्रेस के लिए मुस्लिम वोट बैंक है, शहर अध्यक्ष भी बीजेपी की तरह बात कर रहे हैं या उनका साथ दे रहें हैं। उन्होंने भड़काऊ बयान देते हुए कहा कि इस देश में मुस्लिमों का अस्तित्व बचेगा हम कब्रों में दफन मिलेंगे, हिंदुओं की अस्थियां तो गंगा के साथ बहकर अरब सागर में मिल जाएंगी।

के के मिश्रा और डॉक्टर अमीनुल खान सुरी के ट्वीट

रुबीना के इस बयान के बाद कांग्रेस पार्टी से जुड़े हिंदू नेताओं ने कड़ी आपत्ति ली है, साथ ही पार्टी के बीच अब एक्स पर विवाद शुरू हो चुका है। जहां कांग्रेस के शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने इस मामले में कांग्रेस पार्टी को शिकायत किए जाने की बात कहने के बाद राजनीति और उग्र हो गई है। प्रदेश के वतिष्ठ नेता के के मिश्रा ने वरिष्ठ नेताओं द्वारा दी गई कुर्बानी को याद करते हुए चिंटू चौकसे को सचेत किया है और पार्षद रुबीना इकबाल पर कार्रवाई करने की कड़े संदेश भी दिए हैं।

वहीं दूसरी ओर इंदौर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रभारी डॉक्टर अमीनुल खान सुरी ने चिंटू चौकसे के बयान को पार्टी विरोधी बताते हुए उनका विरोध एक्स पर शुरू कर दिया है साथ ही चिंटू चौकसे को तानाशाह करार देते हुए पार्टी की छबि बिगाड़ने वाला बयान करार दिया है।

रूबीना होंगी पार्टी से बाहर, फौजिया पर होगी FIR

वहीं इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस के शहर अध्यक्ष और नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि इंदौर में कल नगर निगम में हुई बयानबाजी के बाद पार्षद रूबीना इकबाल खान के निष्कासन का प्रस्ताव भेजा प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेज दिया है। पार्टी को लेकर गलत बात करने वालों की पार्टी में कोई जगह नहीं है। अब यह मानकर चलिए कि रुबीना इकबाल खान अब कांग्रेस में नहीं रहेंगी। इसके अलावा पार्षद फौजिया शेख अलीम के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराने की मांग उठी है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि वंदे मातरम नहीं गाने और टिप्पणी करने से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं।

उधर, वंदे मातरम मामले के तूल पकड़ते ही शहर अध्यक्ष ने यह भी कहा कि जिसे वंदे मातरम् नहीं गाना है, वह कांग्रेस के कार्यक्रम में भी ना आए। अब से कांग्रेस की हर बैठक और कार्यक्रमों में वंदे मातरम अनिवार्य रहेगा। वंदे मातरम और जन गण मन को राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के रूप में अपनाने में कांग्रेस की ऐतिहासिक भूमिका रही है। आजादी से पहले भी पार्टी के हर सम्मेलन की शुरुआत वंदे मातरम से होती थी। धर्म से पहले राष्ट्र है। कोई भी धर्म हमें अपने देश के सम्मान का गान करने से नहीं रोकता। राष्ट्रीयता का भाव हर कार्यकर्ता में होना जरूरी है।

कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल ने चिंटू चौकसे पर लगाए गंभीर आरोप

इंदौर नगर निगम के बजट सत्र में वंदे मातरम को लेकर हुए हंगामे के बाद मामला और गरमाता जा रहा है। कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल ने शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जो चिंटू चौकसे आज मुझे निष्कासित करने की बात कर रहे हैं, वे जब गली में गुल्ली-डंडा खेलते थे,तब मेरे पति 40 सालों से यहां नेतागिरी कर रहे हैं। रुबीना ने चौकसे द्वारा पार्टी से निष्कासन किए जाने पर राहुल गांधी से शिकायत करने की बात कही है।

वॉर्ड 39 की पार्षद रुबीना इकबाल खान ने इस बयान को सबसे पहले रखते हुए कहा कि उन्हें टारगेट कर पार्टी से बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है, जबकि उनका परिवार शुरू से कांग्रेस के प्रति समर्पित रहा है। रुबीना इकबाल ने आरोप लगाया कि बजट सत्र के दौरान भाजपा पार्षदों ने उन्हें अकेले निशाना बनाया क्योंकि वहां कोई मुस्लिम पार्षद मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा कि 60 से ज्यादा लोग एक साथ उन पर हमला बोल रहे थे, राष्ट्रगीत को लेकर दबाव बनाया जा रहा था और दुर्भाषा में नारे लगाए जा रहे थे।

रुबीना ने साफ किया कि उन्होंने कोई तैयार बयान नहीं दिया था, बल्कि हालात से मानसिक रूप से परेशान होकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे पर व्यक्तिगत हमले का आरोप लगाते हुए कहा कि वह कांग्रेस के परंपरागत कार्यकर्ताओं और मुस्लिम पदाधिकारियों को निशाना बना रहे हैं। रुबीना ने चेतावनी देते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो वे स्वयं दिल्ली जाकर राहुल गांधी से शिकायत करेंगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उनके रग-रग में बसती है, लेकिन पार्टी में घमंड और भाषाई दबाव की राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

वंदे मातरम विवाद पर महापौर महापौर पुष्यमित्र की तीखी प्रतिक्रिया

इंदौर नगर निगम के बजट सत्र में वंदे मातरम गायन को लेकर हुए विवाद पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने गुरुवार को तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देश किसी भी व्यक्तिगत मान्यता या धार्मिक विचार से बड़ा है और राष्ट्रगीत, राष्ट्रध्वज सहित देश के सम्मान से जुड़े प्रतीकों का आदर करना हर नागरिक का दायित्व है। महापौर ने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रगीत गाना किसी की व्यक्तिगत इच्छा हो सकती है, लेकिन उसका अपमान करने का अधिकार किसी को नहीं है।

दरअसल, महापौर पुष्यमित्र भार्गव कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के के मिश्रा द्वारा किए गए ट्वीट पर जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि कांग्रेस नेता चिंटू चोकसे और केके मिश्रा ने संबंधित पार्षद को नोटिस जारी करने की मांग की है। यदि कांग्रेस कार्यालय में भी वंदे मातरम होता है, तो वहां इन नेताओं की उपस्थिति पर भी सवाल उठता है। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह से इस मुद्दे पर स्पष्ट स्टैंड लेने की मांग की कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे देश भक्तों के साथ हैं या देश द्रोहियों के साथ है।

वहीं कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल द्वारा मुस्लिमों की मौत के बाद उनके अवशेष भारत में मिलने और हिंदुओं के अवशेष गंगा नदी से बहकर अरब सागर में पहुंचने के बयान पर महापौर ने कहा कि भारत में मुस्लिम समाज को भारत में जितना सम्मान मिलता है, उतना कहीं और नहीं है।यदि राष्ट्र के प्रति भावनाएं कमजोर होती हैं, तो आत्ममंथन आवश्यक है। भार्गव ने बताया कि इस मामले में एक दोनों ही पार्षद फौजिया शेख अलीम और रुबीना इकबाल खान को लेकर एक अभ्यावेदन तैयार किया गया है, जिसे निगम सभापति मुन्नलाल यादव को सौंपकर आगे की कार्रवाई का आग्रह किया जाएगा।

कांग्रेस एक बार फिर अपनी जिन्ना वादी सोच सामने ले आई- सुमित मिश्रा

इंदौर में वंदे मातरम विवाद को लेकर बीजेपी नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कांग्रेस ने एक बार फिर अपनी जिन्ना वादी सोच और मुस्लिम तुष्टिकरण नीति को सामने लाने का आरोप लगाया है। मिश्रा ने कांग्रेस ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष फौजिया शेख अलीम एयर पार्षद रुबीना इकबाल का खुलकर विरोध करते हुए कहा कि दोनों ने वंदे मातरम गाने से इंकार कर शहर को शर्मसार किया है। सुमित मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस द्वारा केवल रुबीना इकबाल खान को निष्कासित करना दिखावटी कार्रवाई है, क्योंकि रूबीना ने भी फौजिया की ही तरह वंदे मातरम का विरोध किया था। अगर कांग्रेस सच में राष्ट्रगीत के समर्थन में है, तो उसे फौजिया शेख कलीम को भी बाहर निकालकर दोनों के निष्कासन पत्र सार्वजनिक करने चाहिए। सिर्फ बयानबाज़ी से बात नहीं बनेगी।

बीजेपी नगर अध्यक्ष ने कहा कि वंदे मातरम वह गीत है जिसे गाते हुए महात्मा गांधी, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु और स्वतंत्रता सेनानियों ने देश के लिए बलिदान दिया। जिस गीत को सुनकर देशभक्ति की ऊर्जा रगों में दौड़ती है, उसका विरोध करके कांग्रेस ने पूरे इंदौर की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है । उन्होंने घोषणा की कि बीजेपी पार्षद अपने-अपने वार्डों में प्रमुख स्थानों पर वंदे मातरम का सामूहिक गायन कर इस विरोध का जवाब देंगे।

वंदे मातरम विवाद पर सियासत गर्म, एबीवीपी का प्रदर्शन

इंदौर नगर निगम के बजट सत्र में वंदे मातरम न गाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सड़कों तक पहुंच गया है। कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम और रुबीना खान के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। एक ओर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। तो वहीं दूसरी ओर बीजेपी के 67 पार्षदों ने संभाग आयुक्त से मिलकर दोनों पार्षदों की सदस्यता समाप्त करने और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

दरअसल, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में इंदौर नगर निगम पहुंचे, जहां उन्होंने कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम और रुबीना खान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वंदे मातरम का अपमान किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोनों पार्षदों की पार्षदी तत्काल समाप्त की जानी चाहिए। वहीं दूसरी ओर बीजेपी भी इस मुद्दे पर आक्रामक नजर आई। बीजेपी के 67 पार्षदों ने एकजुट होकर ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए और संभाग आयुक्त से मुलाकात कर दोनों पार्षदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग रखी। बीजेपी पार्षदों ने न सिर्फ पार्षदी समाप्त करने बल्कि दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भी मांग की है। जिसके संबंध में भाजपा पार्षदों ने एमजी रोड थाने पर भी एक ज्ञापन दिया।