आज अच्छी रही शेयर मार्केट की ओपेनिंग: सेंसेक्स 75000 के पार, निफ्टी में 100 अंकों की तेजी

ग्लोबल संकेतों के बीच शेयर बाजार फ्लैट से पॉजिटिव, सेंसेक्स-निफ्टी में हल्की तेजी, IT शेयरों की खरीदारी से बाजार को मिला सहारा, बैंकिंग शेयरों में दबाव जारी

आज अच्छी रही शेयर मार्केट की ओपेनिंग: सेंसेक्स 75000 के पार, निफ्टी में 100 अंकों की तेजी

भारतीय शेयर बाजार में आज 19 मई को हल्की मजबूती देखने को मिली। वैश्विक बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों के बीच घरेलू बाजार ने सपाट से पॉजिटिव शुरुआत की और पूरे दिन सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। निवेशकों की नजरें ग्लोबल ट्रेंड और सेक्टोरल मूवमेंट पर टिकी रहीं, जिसके चलते बाजार में बड़ी तेजी या गिरावट नहीं देखी गई।

हल्की बढ़त के साथ खुला बाजार

आज के कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। Sensex करीब 126 अंकों की बढ़त के साथ 75,441 के स्तर पर खुला। वहीं Nifty 50 ने भी 100 अंकों की बढ़त के साथ 23,750 के आसपास कारोबार शुरू किया। शुरुआती कारोबार में बाजार में खरीदारी का माहौल देखने को मिला, लेकिन बाद में यह तेजी सीमित दायरे में सिमट गई।

IT सेक्टर में खरीदारी, बैंकिंग शेयरों पर दबाव

दिनभर के कारोबार में सबसे ज्यादा खरीदारी IT सेक्टर के शेयरों में देखने को मिली। इस सेक्टर की मजबूती ने बाजार को सपोर्ट दिया और गिरावट को रोकने में मदद की। दूसरी ओर, प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा, जिससे बाजार की तेजी सीमित रही। फार्मा सेक्टर में भी हल्की खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार को अतिरिक्त सहारा मिला।

ग्लोबल संकेतों का मिला-जुला असर

एशियाई बाजारों में आज मिला-जुला रुख देखने को मिला। वैश्विक स्तर पर किसी बड़े सकारात्मक संकेत की कमी रही, जिसके कारण घरेलू बाजार में भी बड़ी रैली नहीं बन सकी। निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और ग्लोबल अपडेट्स पर नजर बनाए हुए हैं।

पिछले सत्र की तेज गिरावट से रिकवरी

बीते कारोबारी सत्र में बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। सोमवार (18 मई) को को Sensex में 1000 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि, आखिरी घंटे में IT और फार्मा शेयरों की खरीदारी से बाजार ने कुछ रिकवरी की और अंत में लगभग सपाट बंद हुआ था।

कुल मिलाकर बाजार फिलहाल कंसोलिडेशन के दौर में नजर आ रहा है। IT सेक्टर की मजबूती और बैंकिंग सेक्टर में दबाव के बीच बाजार सीमित दायरे में बना हुआ है। निवेशकों की नजर आगे आने वाले ग्लोबल संकेतों और घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी।