हर घर तक पहुंचेगी सोलर ऊर्जा: मंत्री राकेश शुक्ला बोले- बिजली बचत के साथ प्रदूषण भी होगा कम
प्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि सरकार का उद्देश्य आम लोगों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराना है, ताकि बिजली बिल कम होने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिल सके।
भोपाल। मध्य प्रदेश में सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार बड़े स्तर पर काम कर रही है। प्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा है कि आने वाले समय में हर घर की छत पर सोलर पैनल नजर आने चाहिए। सरकार का उद्देश्य आम लोगों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराना है, ताकि बिजली बिल कम होने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिल सके।
PM-CM के नेतृत्व में MP ग्रीन एनर्जी की दिशा में आगे बढ़ रहा
मंत्री राकेश शुक्ला ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश तेजी से ग्रीन एनर्जी की दिशा में आगे बढ़ रहा है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रदेश के लाखों घरों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के करीब 6 लाख घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ना है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपने घर पर 3 किलोवाट का सोलर प्लांट लगवाता है तो इसकी लागत लगभग 1 लाख 75 हजार से 1 लाख 80 हजार रुपए तक आती है। इस पर शासन द्वारा लगभग 75 से 78 हजार रुपए तक की सब्सिडी दी जा रही है। साथ ही कई बैंकों के माध्यम से आसान फाइनेंस सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि मध्यम वर्गीय परिवार भी आसानी से योजना का लाभ ले सकें।
हर महीने करीब 300 से 360 यूनिट तक बिजली तैयार हो सकती है
विशेषज्ञों के अनुसार 3 किलोवाट का सोलर प्लांट प्रतिदिन लगभग 10 से 12 यूनिट बिजली पैदा करता है। यानी हर महीने करीब 300 से 360 यूनिट तक बिजली तैयार हो सकती है। इससे घरेलू बिजली बिल लगभग समाप्त हो सकता है। सोलर प्लांट पर खर्च की गई राशि करीब 3 से 4 साल में वापस निकल आती है और इसके बाद लंबे समय तक मुफ्त बिजली का लाभ मिलता है।
मंत्री शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में सोलर ऊर्जा को लेकर लोगों में तेजी से जागरूकता बढ़ रही है। अब तक करीब 2 लाख आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और बड़ी संख्या में घरों में सोलर संयंत्र स्थापित भी किए जा चुके हैं। सरकार ने प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए डिजिटल एग्रीमेंट और ऑनलाइन सिस्टम की व्यवस्था भी लागू की है, जिससे लागत कम होगी और काम में तेजी आएगी।
पेट्रोल-डीजल की खपत कम होने के साथ प्रदूषण में भी कमी आएगी
उन्होंने कहा कि सोलर ऊर्जा सिर्फ बिजली बचाने का माध्यम नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी बड़ा कदम है। यदि लोग अपने घर की बिजली स्वयं पैदा करें और उसी बिजली से इलेक्ट्रिक स्कूटी या ई-वाहनों को चार्ज करें तो पेट्रोल-डीजल की खपत कम होगी और प्रदूषण में भी बड़ी कमी आएगी।
मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत नवकरणीय ऊर्जा से पूरी हो। इसके लिए शासकीय भवनों में भी सोलर रूफटॉप प्लांट लगाए जा रहे हैं ताकि सरकारी खर्च में कमी आने के साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिल सके।
ऊर्जा विभाग का मानना है कि आने वाले वर्षों में मध्य प्रदेश सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा। सरकार लगातार लोगों को जागरूक करने और योजनाओं का लाभ घर-घर तक पहुंचाने के प्रयास कर रही है।
Varsha Shrivastava 
