इंदौर में नलों से आ रहा ‘सीवरेज का जहर’? PCC चीफ का दावा- कांग्रेस के सर्वे में 98% पानी के सैंपल फेल
इंदौर में पानी पर सियासत तेज: प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का दावा- नलों में मिल रहा सीवरेज, दूषित पानी से जनता की जान को खतरा। कांग्रेस के आरोपों पर इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने तीखा किया पलटवार।
देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में पहचान बना चुके इंदौर में अब पानी की गुणवत्ता को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने शहर की जल व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि इंदौर के अलग-अलग इलाकों से लिए गए पानी के ज्यादातर सैंपल खराब पाए गए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि शहर के कई हिस्सों में लोगों को साफ पानी नहीं, बल्कि सीवरेज मिला दूषित पानी मिल रहा है, जिससे लोगों की सेहत पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने नगर निगम और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस द्वारा कराए गए जल सर्वे में 98 प्रतिशत पानी के सैंपल फेल पाए गए हैं। साथ ही कई नमूनों में ई-कोलाई और कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है, जो पानी में सीवरेज मिलने का संकेत माना जाता है।
दो महीने तक चला पानी जांच अभियान
कांग्रेस के मुताबिक शहर के अलग-अलग वार्डों में लगभग दो महीने तक पानी जांच अभियान चलाया गया। पार्टी ने 3 फरवरी से 28 फरवरी के बीच इंदौर के 29 वार्डों से 240 पानी के सैंपल एकत्र किए। इन सैंपलों की जियो टैगिंग भी कराई गई ताकि जांच प्रक्रिया पारदर्शी रहे। कांग्रेस का दावा है कि इनमें से 130 सैंपल दिल्ली की लैब में भेजे गए, जहां 109 सैंपलों में ई-कोलाई बैक्टीरिया मिला। पार्टी का कहना है कि यह इस बात का प्रमाण है कि शहर की पानी सप्लाई लाइन में सीवरेज का गंदा पानी मिल रहा है।

धीमा जहर पी रही है जनता- जीतू पटवारी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इंदौर की जनता को नलों के माध्यम से “धीमा जहर” दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस शहर को देश का सबसे स्वच्छ शहर कहा जाता है, वहीं लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। पटवारी ने आरोप लगाया कि नगर निगम और सरकार की लापरवाही के कारण लोगों की जान खतरे में पड़ गई है। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर की जल प्रदाय और सीवरेज व्यवस्था पूरी तरह फेल साबित हो रही है।

फिर उठा भागीरथपुरा मामला, सरकार पर सवाल
कांग्रेस ने इस दौरान भागीरथपुरा इलाके में हुए दूषित पानी मामले को भी उठाया। जीतू पटवारी ने दावा किया कि दूषित पानी पीने से अब तक 36 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े मामले के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर इन मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा? कांग्रेस का आरोप है कि प्रशासन इस पूरे मामले में गंभीरता नहीं दिखा रहा।

कैलाश विजयवर्गीय और सरकार पर हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जीतू पटवारी ने नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि शहर में पानी और सीवरेज व्यवस्था सुधारने के नाम पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन लोगों को साफ पानी तक नहीं मिल पा रहा। पटवारी ने कहा, पहले कहा जाता था कि कैलाश विजयवर्गीय के हाथ कटे हुए हैं, लेकिन अब उनकी जुबान भी कट गई है। उन्होंने “ट्रिपल इंजन सरकार” को “ट्रिपल अराजकता” बताते हुए कहा कि सरकार हर स्तर पर विफल साबित हो रही है।

कांग्रेस ने रखी आर्थिक मुआवजा देने सहित 5 मांगें
कांग्रेस ने इस मामले में सरकार और नगर निगम के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। पार्टी ने मांग की है कि दूषित पानी के कारण जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को आर्थिक मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा जल प्रदाय विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग भी की गई है।

कांग्रेस ने यह भी कहा कि जिन इलाकों में पानी दूषित पाया गया है, वहां पुरानी पाइपलाइन तुरंत बदली जाए। पार्टी ने जल प्रदाय और सीवरेज व्यवस्था पर खर्च हुए लगभग 7 हजार करोड़ रुपये की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की है। साथ ही प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों का मुफ्त इलाज कराने की बात कही गई है।
पूरे शहर की जल ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए
जीतू पटवारी ने पूरे शहर का जल ऑडिट कराने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि हर वार्ड की पानी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए ताकि लोगों को यह पता चल सके कि उनके इलाके का पानी सुरक्षित है या नहीं। उन्होंने कहा कि शहर की पुरानी पाइपलाइन और सीवरेज सिस्टम की तकनीकी जांच कराई जाए। कांग्रेस का कहना है कि कई जगहों पर पाइपलाइन जर्जर हो चुकी हैं, जिसके कारण सीवरेज का पानी पीने के पानी में मिल रहा है।

कांग्रेस ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस नगर निगम मुख्यालय का घेराव भी करेगी। उन्होंने कहा कि इंदौर की जनता अब और लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। लोगों की जान से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है।
कांग्रेस के आरोपों पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव का पलटवार
कांग्रेस के इन आरोपों के बाद इंदौर की जल व्यवस्था एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गई है। अब इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कांग्रेस पर तीखा पलटवार किया है। महापौर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस की रिपोर्ट को शहर को बदनाम करने की साजिश बताया और कहा कि इंदौर नगर निगम लगातार जल संकट से निपटने के लिए पूरी ताकत से काम कर रहा है।

महापौर ने कहा कि शहर में 650 से अधिक टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है। नए बोरिंग और हाइड्रेट बनाए जा रहे हैं और जहां बोरिंग सूख चुके हैं, वहां भी निगम की टीम लगातार राहत पहुंचा रही है। महापौर ने कांग्रेस नेता चिंटू चौकसे से टैंकर बंद कर निगम को वापस करने की बात भी कही और कहा कि जहां जरूरत होगी वहां निगम खुद पानी पहुंचाएगा।
कांग्रेस की रिपोर्ट भ्रामक, शहर को बदनाम करना है मकसद
इंदौर मेयर ने बताया कि कांग्रेस द्वारा जारी की गई पानी की रिपोर्ट पूरी तरह भ्रामक है और शहर को बदनाम करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि अगर पानी वास्तव में दूषित था तो कांग्रेस को तुरंत नगर निगम को इसकी जानकारी देना चाहिए थी, लेकिन रिपोर्ट को महीनों तक छिपाकर रखा गया।

पुष्यमित्र भार्गव ने दावा किया कि इंदौर में नर्मदा जल वितरण का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड मौजूद है और स्काडा सिस्टम के जरिए पानी की मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि शहर पर संकट के समय राजनीति नहीं बल्कि सभी को मिलकर समाधान निकालने की जरूरत है। साथ ही निगम अब कांग्रेस द्वारा बताए गए क्षेत्रों में दोबारा जांच भी कराएगा।
Varsha Shrivastava 
