इंदौर में प्राचार्य रिश्वत लेते गिरफ्तार: जांच खत्म करने के बदले मांगे थे 10 हजार रुपए
Indore में लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय स्कूल के प्राचार्य राजकुमार चलानी को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक निजी स्कूल के खिलाफ हुई शिकायत को खत्म करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
इंदौर | इंदौर में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने एक और बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। शहर के एक प्रतिष्ठित सरकारी स्कूल के प्राचार्य (प्रिंसिपल) को लोकायुक्त की टीम ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों धर दबोचा। आरोपी प्राचार्य एक प्राइवेट स्कूल के खिलाफ चल रही जांच को रफा-दफा करने के बदले इस घूस की मांग कर रहा था। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला..
यह सनसनीखेज मामला संयोगितागंज स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल (बालक क्रमांक-1) का है। यहाँ पदस्थ प्राचार्य और नोडल अधिकारी राजकुमार चेलानी को लोकायुक्त की टीम ने जाल बिछाकर उनके अपने ही कार्यालय से ट्रैप किया है।
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— Thinkwithkd (@kd_tripathi01) May 29, 2026
इस पूरी कार्रवाई के पीछे की वजह सिर्फ ₹1200 का एक मामूली विवाद था, जो भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया:
- विवाद की वजह: 'द इंटरनेशनल कॉन्वेंट स्कूल' के संचालक रवि जायसवाल का एक छात्र के परिजन से ₹1,200 की फीस बकाया को लेकर विवाद था। फीस जमा न होने के कारण स्कूल ने छात्र की टीसी (Transfer Certificate) रोक दी थी।
- शिकायत: छात्र के पिता ने इसकी शिकायत संकुल प्रभारी से कर दी।
- जांच के नाम पर घूस: इस मामले की जांच करने के लिए संकुल प्राचार्य राजकुमार चेलानी को जिम्मेदारी मिली। चेलानी प्राइवेट स्कूल पहुंचे और शिकायत का निराकरण करने व मामला पूरी तरह खत्म करने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग ली।
लोकायुक्त ने बिछाया जाल, दफ्तर में ही दबोचे गए प्रिंसिपल साहब..
प्राइवेट स्कूल के संचालक रवि जायसवाल ने भ्रष्टाचार के आगे झुकने के बजाय लोकायुक्त का दरवाजा खटखटाया। लोकायुक्त पुलिस ने सबसे पहले शिकायत का सत्यापन (Verification) कराया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि सही पाई गई। इसके बाद लोकायुक्त डीएसपी सुनील तालान के नेतृत्व में एक अचूक 'ट्रैप प्लान' तैयार किया गया। योजना के मुताबिक, शुक्रवार को आरोपी प्राचार्य ने फरियादी रवि को रिश्वत की रकम लेकर अपने दफ्तर बुलाया। जैसे ही रवि ने प्राचार्य राजकुमार चेलानी को ₹10,000 की केमिकल युक्त नोट सौंपे, वैसे ही पहले से सादे कपड़ों में मुस्तैद लोकायुक्त की टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। हाथ धुलवाने पर आरोपी के हाथ गुलाबी हो गए।

भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज..
लोकायुक्त पुलिस के मुताबिक, आरोपी प्राचार्य राजकुमार चेलानी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। टीम अब आरोपी के अन्य दस्तावेजों और संपत्तियों की भी जांच कर रही है।

