कपड़ा व्यापारियों से 40 लाख की धोखाधड़ी का आरोपी हैदराबाद से गिरफ्तार

इंदौर क्राइम ब्रांच की कार्रवाई: कपड़ा व्यापारियों से धोखाधड़ी करने वाला फरार आरोपी गिरफ्तार, दलालों के जरिए व्यापार का भरोसा दिलाकर लिया था करोड़ों का माल

कपड़ा व्यापारियों से 40 लाख की धोखाधड़ी का आरोपी हैदराबाद से गिरफ्तार

इंदौर क्राइम ब्रांच ने आर्थिक अपराध के एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए कपड़ा व्यापारियों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले मुख्य आरोपी को हैदराबाद से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर इंदौर के रेडीमेड कपड़ा व्यापारियों से करीब 40 लाख रुपये का माल लेकर भुगतान नहीं करने और फरार होने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी को हैदराबाद के चारमीनार क्षेत्र से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर इंदौर लाया है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद अकरम पिता स्वर्गीय मोहम्मद अकबर (उम्र करीब 52 वर्ष), निवासी याकूतपुरा, दबीरपुरा, चारमीनार, हैदराबाद (तेलंगाना) के रूप में हुई है। आरोपी हैदराबाद स्थित रॉयल क्रिएशन फर्म का संचालक बताया गया है।

16 कपड़ा व्यापारियों ने की थी शिकायत

मामले की शुरुआत 26 मार्च 2025 को हुई, जब इंदौर के राजवाड़ा क्षेत्र के करीब 16 प्रतिष्ठित रेडीमेड कपड़ा व्यापारियों ने पुलिस आयुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। व्यापारियों ने आरोप लगाया था कि दलाल अशोक गोपलानी और उसके साथी कार्तिक ने उन्हें बाहरी राज्यों की प्रतिष्ठित व्यापारिक फर्मों से कारोबार कराने का भरोसा दिलाया था।

दलालों के कहने पर व्यापारियों ने मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु, तेलंगाना और राजस्थान की विभिन्न फर्मों को उधार में रेडीमेड गारमेंट्स, ड्रेस मटेरियल और अन्य कपड़ा सामग्री भेजी थी। इन व्यापारिक लेन-देन में करीब 1 करोड़ 70 लाख रुपये मूल्य का माल सप्लाई किया गया था।

माल लेने के बाद बंद कर दिया संपर्क

जांच के दौरान सामने आया कि हैदराबाद स्थित रॉयल क्रिएशन के संचालक मोहम्मद अकरम ने अकेले करीब 40 लाख रुपये का कपड़ा प्राप्त किया था। व्यापारियों के साथ तय शर्तों के अनुसार 30 से 45 दिनों में भुगतान किया जाना था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी आरोपी ने रकम जमा नहीं की।

जब व्यापारियों ने भुगतान के लिए लगातार संपर्क किया तो आरोपी और उसके सहयोगियों ने बहाने बनाकर समय टालना शुरू कर दिया। इसके बाद आरोपी ने मोबाइल फोन बंद कर दिए और व्यापारियों से संपर्क खत्म कर फरार हो गया। व्यापारियों द्वारा हैदराबाद पहुंचकर जांच करने पर आरोपी के बताए पते पर भी कोई स्पष्ट व्यापारिक गतिविधि नहीं मिली।

दस्तावेजों की जांच के बाद मामला दर्ज 

शिकायत मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने व्यापारियों के बयान, बिल, टैक्स इनवॉइस, ई-वे बिल, परिवहन दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच की। जांच में प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी पाए जाने पर थाना अपराध शाखा में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से व्यापारियों का विश्वास हासिल किया और उधार में माल प्राप्त करने के बाद भुगतान किए बिना फरार हो गए।

तकनीकी साक्ष्य के आधार पर हैदराबाद में दबिश

आरोपी मोहम्मद अकरम की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच ने विशेष टीम गठित की थी। तकनीकी विश्लेषण, साइबर शाखा से मिले इनपुट और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी की लोकेशन हैदराबाद के याकूतपुरा क्षेत्र में मिली।

इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने स्थानीय पुलिस थाना रेन बाजार के सहयोग से आरोपी के निवास पर दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया। हैदराबाद न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त करने के बाद आरोपी को इंदौर लाया गया।

अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

पुलिस के अनुसार इस मामले में पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब मोहम्मद अकरम से पूछताछ कर अन्य आरोपियों, संबंधित फर्मों, वित्तीय लेन-देन और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।

यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर संतोष कुमार सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) राजेश कुमार सिंह, पुलिस उपायुक्त (अपराध) राजेश कुमार त्रिपाठी और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (अपराध) मीना चौहान के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच की टीम द्वारा की गई।