महू में दूषित पेयजल से जलजनित रोग का खतरा, कलेक्टर शिवम वर्मा ने संभाला मोर्चा

इंदौर के महू में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार सैंपलिंग और सर्वे का काम कर रही है।

महू में दूषित पेयजल से जलजनित रोग का खतरा, कलेक्टर शिवम वर्मा ने संभाला मोर्चा

इंदौर। जिले के महू क्षेत्र में जल जनित रोग के मामले सामने आने के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। पट्टी बाजार और चन्दर मार्ग इलाके में दूषित पेयजल से लोगों के बीमार होने की सूचना मिलते ही कलेक्टर शिवम वर्मा देर रात महू पहुंचे थे और आज भी उन्होंने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार सैंपलिंग और सर्वे का काम कर रही है। फिलहाल 10 लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि अन्य मरीजों का इलाज घर पर चल रहा है। वहीं, नगर परिषद की टीम लगातार सुबह से क्षेत्र में स्वच्छ जलप्रदाय की व्यवस्था को सुनिश्चित करने में लगा हुआ है, जहां टीम के द्वारा उसे लीकेज के पॉइंट को भी ढूंढ लिया गया है जहां पानी पाइप लाइन में मिक्स हो रहा था।

दूषित पानी से बीमार 10 लोग अस्पताल में भर्ती

दरअसल, महू के पट्टी बाजार और चन्दर मार्ग क्षेत्र में दूषित पेयजल के कारण जल जनित रोग फैलने की आशंका के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। कलेक्टर शिवम वर्मा देर रात महू पहुंचे और अस्पताल जाकर भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। वही आज दोबारा महू पहुंचकर कलेक्टर ने प्रभावित इलाकों के रहवासियों से संवाद किया और स्थिति का जायजा लिया। कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम कल से लगातार दोनों क्षेत्रों में सैंपलिंग कर रही हैं। वर्तमान में दूषित पानी से बीमार 10 लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि अन्य मरीज अपने घरों पर उपचार ले रहे हैं। सुबह से ही सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग का अमला मौके पर मौजूद है। इंदौर से विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भी महू भेजी जा रही है।

पानी की गुणवत्ता जांचने और क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश

कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि सभी मरीजों का समुचित और प्रभावी उपचार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही महू कैंट बोर्ड को पानी की गुणवत्ता जांचने और क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। कलेक्टर ने बताया कि क्षेत्र में सुबह से सर्वे शुरू कर दिया गया है। जिन लोगों में बीमारी के लक्षण पाए जाएंगे, उन्हें तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जाएगा और गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। फिलहाल किसी भी मरीज की स्थिति गंभीर नहीं बताई जा रही है और भर्ती मरीजों में से कुछ को आज डिस्चार्ज भी किया जाएगा।

हालांकि, इस बीच इलाज के खर्च को लेकर एक समस्या भी सामने आई है। प्रशासन द्वारा इलाज का पूरा खर्च शासन द्वारा वहन किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन अभी भी मरीजों के परिजनों से जांच और दवाओं के नाम पर पैसे की मांग कर रहा है। प्रशासन ने पूरे मामले पर नजर बनाए रखने और किसी भी तरह की लापरवाही न होने देने का आश्वासन दिया है।