मोरवा विस्थापन क्षेत्र पहुंचे रीवा कमिश्नर और कलेक्टर, पुनर्वास व्यवस्थाओं का लिया जायजा

Singrauli के मोरवा विस्थापन क्षेत्र का रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद और कलेक्टर गौरव बैनल ने औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों की टीम ने क्षेत्र में चल रही विस्थापन और पुनर्वास व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों से जानकारी ली।

मोरवा विस्थापन क्षेत्र पहुंचे रीवा कमिश्नर और कलेक्टर, पुनर्वास व्यवस्थाओं का लिया जायजा


सिंगरौली | सिंगरौली जिले के मोरवा विस्थापन क्षेत्र की सुध लेने आखिरकार प्रशासन के आला अधिकारी जमीन पर उतरे हैं। रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद और सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल ने पूरी प्रशासनिक टीम के साथ मोरवा क्षेत्र का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया। इस औचक दौरे से जहां एक तरफ स्थानीय प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा रहा, वहीं दूसरी तरफ लंबे समय से विस्थापन का दंश झेल रहे स्थानीय लोगों में न्याय और उचित पुनर्वास की उम्मीद जगी है।

कमिश्नर और कलेक्टर ने खुद जाना विस्थापितों का दर्द..
मोरवा क्षेत्र में लंबे समय से विस्थापन और पुनर्वास (Rehabilitation) की नीतियां विवादों और कछुआ चाल का शिकार रही हैं। इस गंभीर मुद्दे को देखते हुए कमिश्नर बीएस जामोद और कलेक्टर गौरव बैनल ने एसडीएम और तहसीलदार सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों को साथ लेकर पूरे प्रभावित क्षेत्र का सघन दौरा किया। अधिकारियों ने मौके पर जाकर विस्थापन से जुड़ी जमीनी व्यवस्थाओं को देखा और यह समझने की कोशिश की कि पुनर्वास की प्रक्रिया में देरी कहाँ और क्यों हो रही है।

विस्थापितों की मुख्य मांगें और समस्याएं..
निरीक्षण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने अपनी पुरानी लंबित मांगें एक बार फिर प्रशासन के सामने रखीं:

  • मुआवजे की विसंगतियां: विस्थापितों का आरोप है कि उन्हें जमीन और मकानों का उचित और न्यायसंगत मुआवजा नहीं मिला है।
  • मूलभूत सुविधाओं का अभाव: नए पुनर्वास स्थलों (Rehabilitation Sites) पर बिजली, पानी, सड़क और ड्रेनेज जैसी बुनियादी सुविधाएं अब तक अधूरी हैं।
  • रोजगार का संकट: विस्थापन के बाद स्थानीय युवाओं के सामने आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

अधिकारियों के इस औचक निरीक्षण से हमें एक उम्मीद दिखी है। हम सालों से बुनियादी सुविधाओं और सही मुआवजे के लिए भटक रहे हैं। उम्मीद है कि अब कमिश्नर और कलेक्टर साहब हमारी फाइलों को आगे बढ़ाएंगे।

प्रशासन ने ली विभागवार जानकारी, दिए कड़े निर्देश..
दौरे के दौरान कमिश्नर और कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से विस्थापन और पुनर्वास से जुड़ी फाइलों और प्रोग्रेस रिपोर्ट की जानकारी ली। अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि विस्थापन की आड़ में किसी भी नागरिक के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और पुनर्वास स्थलों पर मूलभूत सुविधाएं जल्द से जल्द मुकम्मल की जाएं। इस हाई-प्रोफाइल औचक निरीक्षण के बाद अब देखना यह होगा कि सिंगरौली जिला प्रशासन मोरवा के विस्थापितों की इन पुरानी समस्याओं का समाधान कितनी तेजी से करता है।