राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: रिश्तेदारों के खातों में भेजी जाती थी रकम, SIT जांच में बड़ा खुलासा

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि कथित तौर पर चोरी की रकम रिश्तेदारों और परिचितों के बैंक खातों के जरिए ट्रांसफर की जाती थी। मामले की जांच अभी जारी है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: रिश्तेदारों के खातों में भेजी जाती थी रकम, SIT जांच में बड़ा खुलासा

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) को पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिली हैं। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि चढ़ावे से निकाली गई रकम को सीधे अपने बैंक खातों में जमा करने के बजाय पहले रिश्तेदारों और भरोसेमंद परिचितों के खातों में भेजा जाता था। इसके बाद अलग-अलग बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए पैसे वापस हासिल किए जाते थे, ताकि जांच एजेंसियों के लिए रकम का पूरा ट्रेल पकड़ना आसान न हो। अब SIT इन सभी बैंक खातों और लेनदेन की विस्तार से जांच कर रही है।

पूछताछ में आरोपियों ने यह भी बताया कि चोरी की गई नकदी और जेवर अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखे गए थे। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपियों की निशानदेही पर चोरी से जुड़ी नकदी और आभूषण बरामद किए जा सकते हैं। इसी कड़ी में जांच टीम आरोपियों को लेकर अयोध्या के 14 कोसी परिक्रमा मार्ग स्थित एक बाग भी पहुंची, जहां कथित तौर पर चोरी के बाद रकम और जेवर का बंटवारा किया जाता था। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आरोपियों के बयानों का मिलान भी किया।

SIT अब केवल चोरी की रकम की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित रूप से निकाले गए पैसे का इस्तेमाल कहां और कैसे किया गया। इसके लिए बैंक रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज और अन्य लेनदेन की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि कहीं चोरी की रकम को संपत्ति खरीदने या अन्य निवेश में तो नहीं लगाया गया। साथ ही मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड और नकदी प्रबंधन व्यवस्था की भी दोबारा समीक्षा की जा रही है।

फिलहाल इस मामले की जांच जारी है और पुलिस हर पहलू की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम और इसमें शामिल लोगों की भूमिका पर अंतिम तस्वीर साफ होगी। अभी तक सामने आई कई जानकारियां पूछताछ और जांच के दौरान मिले इनपुट पर आधारित हैं, इसलिए मामले में आगे और नए खुलासे होने की संभावना बनी हुई है।