विजय के शपथ का रास्ता साफ: 121 विधायकों का समर्थन मिला, 4 दिन में चौथी बार की राज्यपाल से मुलाकात

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के 6वें दिन एक्टर विजय थलपति के सरकार बनाने का रास्ता साफ। राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया।

विजय के शपथ का रास्ता साफ: 121 विधायकों का समर्थन मिला, 4 दिन में चौथी बार की राज्यपाल से मुलाकात

तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर जारी उठा-पटक थमती नजर आ रही है। विधानसभा चुनाव के नतीजों के छह दिन बाद एक्टर विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) को सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत मिल गया है।

विजय थलपति के पास अब 121 विधायकों का समर्थन है जो बहुमत के आंकड़े 118 से 3 ज्यादा है। शनिवार को TVK चीफ विजय राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मिल और 121 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा। विजय की राज्यपाल से 4 दिन में ये चौथी मुलाकात रही। 

वहीं, विल्लुपुरम चिदंबरम कषगम (VCK) ने तीन दिन की चर्चा और इंतजार के बाद TVK को समर्थन देने का औपचारिक पत्र सौंप दिया है। इसके बाद राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं और विजय के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है।

TVK को मिला बहुमत का समर्थन

TVK ने इस विधानसभा चुनाव में कुल 108 सीटें जीती थीं। 234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है। शुरुआत में पार्टी के पास कांग्रेस के 5, CPI और CPI(M) के 2-2 विधायकों का समर्थन पहले से ही था। VCK के समर्थन के बाद TVK का आंकड़ा बढ़कर 119 हो गया है, जो बहुमत से एक ज्यादा है। इसके साथ ही इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने भी बिना शर्त TVK को समर्थन देने की घोषणा की है, जिससे पार्टी की स्थिति और मजबूत हो गई है।

राज्यपाल से लगातार मुलाकात और दावा

एक्टर विजय पिछले तीन दिनों से लगातार राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर रहे हैं। उन्होंने 6, 7 और 9 मई को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की। हालांकि राज्यपाल ने साफ कहा था कि जब तक 118 विधायकों का पक्का समर्थन नहीं दिखाया जाता, तब तक सरकार बनाने का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता। VCK के समर्थन से पहले विजय के पास केवल 116 विधायकों का समर्थन था, जिसके कारण उनका दावा स्वीकार नहीं हुआ था।

VCK के समर्थन से बदला राजनीतिक समीकरण

VCK के अध्यक्ष थोल थिरुमावलवन ने पहले संकेत दिया था कि उनकी पार्टी TVK को समर्थन देगी, लेकिन औपचारिक पत्र देने में देरी हुई। इसी देरी के कारण राजनीतिक अनिश्चितता बनी रही और 9 मई को विजय के शपथ ग्रहण की प्रक्रिया भी टल गई। अब समर्थन पत्र सौंपे जाने के बाद TVK के पास स्पष्ट बहुमत हो गया है। इससे विजय के मुख्यमंत्री बनने की संभावनाएं काफी मजबूत हो गई हैं।

कांग्रेस को हॉर्स ट्रेडिंग का डर

इस राजनीतिक हलचल के बीच कांग्रेस ने अपने पांच विधायकों को हैदराबाद भेज दिया है। पार्टी को आशंका है कि विधायकों की खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) हो सकती है। बताया जा रहा है कि मेलूर विधायक पी. विश्वनाथन इन विधायकों के समूह का नेतृत्व कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, अगर TVK की सरकार बनती है तो पी. विश्वनाथन को मंत्री पद मिल सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

स्टालिन और रामदौस ने क्या कहा

DMK प्रमुख एमके स्टालिन ने राज्यपाल से जल्द नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि विधानसभा भंग हो चुकी है और राज्य के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए नई सरकार का गठन जरूरी है।

वहीं PMK प्रमुख एस रामदौस ने भी कहा कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते TVK को सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने VCK से अपील की कि वह जल्द समर्थन देकर राजनीतिक अनिश्चितता खत्म करे।

रिजल्ट के बाद से अब तक क्या हुआ

  • 4 मई को आए विधानसभा चुनाव परिणामों में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। TVK 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी। इसके बाद सरकार गठन की कवायद शुरू हुई।
  • 5 मई को कांग्रेस ने TVK को समर्थन देने का ऐलान किया।
  • 6 मई को TVK विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें विजय को नेता चुना गया। उसी दिन उन्होंने 113 विधायकों के समर्थन के साथ पहली बार सरकार बनाने का दावा पेश किया।
  • 7 मई को विजय ने दूसरी बार राज्यपाल से मुलाकात की, लेकिन उन्हें बहुमत साबित करने को कहा गया।
  • इसके बाद 8 मई को TVK सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। पार्टी की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं करना संविधान की भावना के खिलाफ है।

अब पूरा ध्यान राज्यपाल की अगली कार्रवाई पर है। यदि सभी समर्थन पत्रों को सही माना जाता है, तो TVK को सरकार बनाने का औपचारिक निमंत्रण मिल सकता है। इसके बाद विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने का रास्ता साफ हो जाएगा।